Bakrid Kab Hai/ Image Credit: Freepik
नई दिल्ली। Bakrid Kab Hai: इस्लाम धर्म सभी त्योहार चांद नजर आने के बाद ही तारीख कंफर्म होने पर मनाई जाती है। ऐसे में बीते दिनों यानी मंगवार 27 मई 2025 को सऊदी अरब में महरिब के बाद चांद देखा गया थ। जिसके बाद जुल-हिज्जा की शुरुआत हुई। वहीं सऊदी अरब में जुल-हिज्जा का चांद नजर आने के बाद ईद उल-अजहा की तारीख का भी ऐलान कर दिया गया है। ऐसे सऊदी में 6 जून को यह पर्व मनाया जाएगा। इसी के साथ ही भारत में बकरीद 7 जून को मनाई जाएगी। तो चलिए जानते हैं इस दिन का महत्व।
इस्लाम धर्म में ईद के मौके पर जानवर की कुर्बानी देते हैं। इसमें कुर्बानी के मांस को तीन हिस्सों में बांट दिया जाता है। जिसमें पहला हिस्सा जरूरतमंदों को दिया जाता है, दूसरा हिस्सा रिश्तेदारों और दोस्तों को भेजा जाता है और तीसरा हिस्सा अपने परिवार के लिए रखा जाता है। इसके अलावा बकरीद पर नमाज भी पढ़ी जाती है और अल्लाह से दुआ मांगी जाती है।
Bakrid Kab Hai: कहा जाता है कि, अल्लाह ने हजरत इब्राहिम की परीक्षा के लेने के लिए उन्हें अपनी सबसे प्यारी चीज कुर्बान करने के लिए कहा था, जिसके बाद इब्राहिम ने इसे अल्लाह का पैगाम मानते हुए अपने प्यारे और बड़े बेटे की कुर्बानी देने का लिए फैसला लिया। इब्राहिम की आस्था देखकर अल्लाह ने उनके बेटे की जान बख्श दी। तब से लेकर आज तक अल्लाह के प्रति समर्पण त्योहार बकरीद मनाया जा रहा है।