नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) सोने-चांदी के आभूषणों और रसोई से जुड़े कुछ उत्पादों के दाम बढ़ने से अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति की दर मामूली रूप से बढ़कर 3.48 प्रतिशत हो गई। मंगलवार को आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 को आधार मानकर की गई गणना के आधार पर खुदरा मुद्रास्फीति दर अप्रैल में 3.48 प्रतिशत रही जबकि मार्च में यह 3.40 प्रतिशत थी।
इसके पहले फरवरी में अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दर 3.21 प्रतिशत जबकि जनवरी महीने में 2.74 प्रतिशत रही थी।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य उत्पादों की कीमतें बढ़ने से अप्रैल में खाद्य मुद्रास्फीति दर सालाना आधार पर बढ़कर 4.2 प्रतिशत हो गई, जो मार्च में 3.87 प्रतिशत थी।
कीमतों में सबसे अधिक 144.34 प्रतिशत की बढ़ोतरी चांदी से बने आभूषणों में दर्ज की गई। इसके बाद नारियल-कोपरा (44.55 प्रतिशत), सोना, हीरा एवं प्लैटिनम आभूषण (40.72 प्रतिशत), टमाटर (35.28 प्रतिशत) और फूलगोभी (25.58 प्रतिशत) का स्थान रहा।
हालांकि, अप्रैल में आलू, प्याज, कार एवं जीप, मटर और एयर कंडीशनर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
पिछले महीने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था जबकि पहली तिमाही के लिए चार प्रतिशत महंगाई का अनुमान था। आरबीआई ने कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ऊर्जा संसाधनों की ऊंची कीमतें और संभावित ‘अल नीनो’ प्रभाव के कारण महंगाई बढ़ने का जोखिम है।
आरबीआई अपनी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा के दौरान खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों को ही ध्यान में रखकर निर्णय करता है।
एनएसओ के आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मुद्रास्फीति की दर क्रमशः 3.74 प्रतिशत और 3.16 प्रतिशत दर्ज की गई।
राज्यों में तेलंगाना में सबसे अधिक 5.81 प्रतिशत और मिजोरम में सबसे कम 0.69 प्रतिशत महंगाई दर्ज की गई।
एनएसओ देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 1,407 शहरी बाजारों (ऑनलाइन मंच सहित) और 1,465 गांवों से वास्तविक समय के मूल्य आंकड़े एकत्र कर मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी करता है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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