नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को किशोर बियाणी समेत फ्यूचर रिटेल लि. के तीन पूर्व अधिकारियों पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। खुलासा नियमों का पालन नहीं करने को लेकर यह जुर्माना लगाया गया है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबी) के आदेश के अनुसार, जिन लोगों पर जुर्माना लगाया गया है, उनमें कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक रहे किशोर बियाणी के अलावा पूर्व प्रबंध निदेशक राकेश बियाणी और पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) सीपी तोशनीवाल शामिल हैं।
दोनों बियाणी पर 20-20 लाख रुपये, जबकि तोशनीवाल पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
यह मामला वार्षिक रिपोर्ट में कुछ संबंधित पक्षों और आरपीटी (संबंधित पक्ष लेनदेन) का खुलासा न करने या लेखापरीक्षा समिति या शेयरधारकों से अनुमोदन प्राप्त नहीं करने से संबंधित है।
सेबी ने अपने 202 पृष्ठ के आदेश में कहा कि यह मामला खुलासा नहीं करने से जुड़ा है।
नियामक ने कहा, ‘‘एफआरएल ने संबंधित पक्ष की स्थिति और संबंधित पक्ष लेनदेन का खुलासा करने और लेखापरीक्षा समिति और शेयरधारकों से अनुमोदन प्राप्त करने में बार-बार चूक की।’’
आदेश में कहा गया है कि नोटिस पाने वाले दोनों बियाणी इस चूक के लिए परोक्ष रूप से उत्तरदायी हैं और नोटिस पाने वाले तोशनीवाल चूक को अंजाम देने में सहायता करने के लिए जवाबदेह हैं।
आदेश में उल्लेख किया गया, ‘‘लगातार चूक होने के बावजूद, दोनों बियाणी लेखापरीक्षा समिति की चिंताओं को यह कहकर शांत करते रहे कि एफआरएल में सब कुछ ठीक है।’’
इस प्रकार के कार्यों के जरिये अधिकारियों ने खुलासा नियमों का उल्लंघन किया और इसको देखते हुए सेबी ने जुर्माना लगाया।
उन्हें 45 दिन के भीतर जुर्माना देने का निर्देश दिया गया है।
एफआरएल राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष परिसमापन प्रक्रिया में लंबित है। जुलाई, 2022 में, एनसीएलटी ने एफआरएल को कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) में शामिल किया और ऋण शोधन और दिवाला संहिता, 2016 (आईबीसी) के तहत एक समाधान पेशेवर नियुक्त किया।
भाषा रमण अजय
अजय