साढ़े चार साल में दाऊजी गाड़ दिस विकास के खीला! विकास और तरक्की के लिए बनाए 6 नया जिला

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भूपेश बघेल ने सीएम बनने के बाद ही प्रदेश की जनता की मांगों को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ में 6 नए जिलों का निर्माण किया है।

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  • Publish Date - July 31, 2023 / 04:06 PM IST,
    Updated On - July 31, 2023 / 04:06 PM IST

CM Bhupesh Baghel

रायपुर :  प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में प्रदेश में कई तरह के विकास कार्य पूरे किए है। सीएम भूपेश बघेल ने प्रदेश की जनता की मुलभुत सुविधाओं को प्राथमिकता दी और उन्हें पूरा भी किया। भूपेश बघेल ने सीएम बनने के बाद से ही छत्तीसगढ़िया संस्कृति को बढ़ावा दिया है और साथ ही प्रदेश की जनता की मांगों को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ में 6 नए जिलों का निर्माण किया है। सीएम भूपेश बघेल के इस निर्णय से नए जिलों की जनता में भी ख़ुशी का माहौल है। जनता ने सीएम भूपेश बघेल को धन्यवाद भी कहा है।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने लंबे समय से बिलासपुर से अलग करके गौरेला को जिला बनाने की मांग को स्वीकार किया और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को जिला बनाने की घोषणा की। 10 फरवरी 2020 को बिलासपुर जिले से अलग कर गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को छत्तीसगढ़ का 28वां जिला बनाया गया। सीएम भूपेश बघेल ने 15 अगस्त 2019 को स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की घोषणा की थी। नवगठित जिले में तीन तहसील और तीन विकासखण्ड गौरेला, पेण्ड्रा और मरवाही शामिल होंगे, जिनमें कुल 166 ग्राम पंचायतें, 222 गांव और 2 नगर पंचायत गौरेला और पेण्ड्रा समाहित होंग।

मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 3 सितंबर 2022 को मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी का राज्य के 29वें जिले के रूप में शुक्रवार को उद्घाटन किया। अमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जिले के नक्शे का अनावरण भी किया था। सीएम बघेल ने कहा कि इस जिले को राजनांदगांव जिले से काटकर बनाया गया है। मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर जिलावासियों को बधाई दी और जिले के तीनों ब्लॉक के विकास के लिए तीन करोड़ रुपये की घोषणा की थी। सीएम बघेल ने कहा, अंदरूनी गांव के लोगों को जिला मुख्यालय के लिए 170 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती थी। रात को राजनांदगांव में ही रुकना पड़ता था। अब अंतिम गांव के व्यक्ति को मात्र 70 किलोमीटर की दूरी ही तय करनी होगी।

सांरगढ़ बिलाईगढ़

छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद से ही रायगढ़ जिले में शामिल सारंगढ़ क्षेत्र और समीप के क्षेत्र के निवासियों की बरसों से मांग थी कि रायगढ़ से अलग होकर सारंगढ़ एक नया जिला बने। जनता की इस मांग को पूरा करते हुए सीएम भूपेश बघेल ने 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के गठन की घोषणा की थी। इसके बाद छत्तीसगढ़ के माटीपुत्र कहे जाने वाले सीएम भूपेश बघेल ने 3 सितंबर को भूपेश बघेल सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला का शुभारंभ कर वहां के निवासियों के सपने को साकार किया।

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजनांदगांव की जनता की मांग को पूरा करते हुए खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई को जिला बनाने की घोषणा की और 3 सितंबर को ही जनता को सौगात देते हुए प्रदेश के 31वें जिले खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई का शुभारंभ किया। सीएम भूपेश बघेल ने जिला बनाने की घोषणा करते हुए कहा था कि, नए प्रशासनिक इकाई का स्वरूप लेगा। खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिला का क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। नया जिला बनने के बाद लोगों को प्रशासनिक सुविधाओं के लिए कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं होगी और साथ ही विकास कार्यों में तेजी आएगी।

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 10 सितंबर 2022 को कोरिया जिले के एक हिस्से को अलग कर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के रूप में एक नए जिले की सौगात दी । उन्होंने मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर का 32वें जिला के रूप में औपचारिक शुभारंभ किया। सीएम बघेल ने जिले के पहले पुलिस अधीक्षक तिलक राम कोशिमा को पदभार ग्रहण कराया और उन्हे बधाई दी। इसके बाद सीएम भूपेश बघेल ने नवगठित मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर का भ्रमण किया था।

सक्ति

सीएम भूपेश बघेल ने 15 अगस्त 2021 को सक्ति को नया जिला बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद सीएम भूपेश बघेल ने 9 सितंबर को प्रदेश के 30वें जिले के रूप में शुभारंभ किया। जांजगीर-चांपा से अलग होकर सक्ती जिला नई प्रशासनिक इकाई के रूप में अस्तित्व में आ रहा है। यह छत्तीसगढ़ का 33वां जिला बना।