(Sukanya Samriddhi Yojana/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Sukanya Samriddhi Yojana: बेटियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) को सबस भरोसेमंद बचत योजनाओं में गिना जाता है। इसमें अच्छा ब्याज और टैक्स छूट का फायदा मिलता है। इसलिए बड़ी संख्या में लोग इसमें निवेश करते हैं। यह खाता आमतौर पर 21 साल में मैच्योर होता है। लेकिन कई बार परिवार को पढ़ाई या इमरजेंसी में पैसों की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे में लोग जानना चाहते हैं कि क्या मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाला जा सकता है। नियमों के मुताबिक कुछ खास परिस्थितियों में इसकी अनुमति मिलती है।
सुकन्या योजना में बेटी के 18 साल पूरे होने से पहले पैसा नहीं निकाला जा सकता। लेकिन 18 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद खाते से आंशिक निकासी की अनुमति दी जाती है। खाताधारक खाते में जमा राशि का अधिकतम 50 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं। यह रकम पिछले वित्तीय वर्ष के क्लोजिंग बैलेंस के आधार पर तय होती है। जरूरत के अनुसार यह पैसा एक बार में या किस्तों में भी लिया जा सकता है।
सरकार केवल कुछ विशेष परिस्थितियों के लिए ही इस खाते से पैसा निकालने की अनुमति देती है। मुख्य रूप से यह सुविधा बेटी की उच्च शिक्षा के खर्च के लिए दी जाती है। इसके लिए कॉलेज एडमिशन लेटर, फीस रसीद या अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं। सामान्य घरेलू खर्चों के लिए इस खाते से निकासी की अनुमति नहीं होती। इसलिए आवेदन करते समय सही दस्तावेज देना जरूरी माना जाता है।
कुछ विशेष परिस्थितियों में खाते को 21 साल से पहले पूरी तरह बंद करने की अनुमति भी मिल सकती है। अगर बेटी की उम्र 18 साल से अधिक है और उसकी शादी होने वाली है तो शादी से पहले या बाद में खाता बंद कराया जा सकता है। इसके अलावा खाताधारक की मृत्यु या परिवार में गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति में भी प्री-मैच्योर क्लोजर की सुविधा दी जाती है। हालांकि इसके लिए जरूरी जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
अगर आप निकासी के लिए पात्र हैं तो सबसे पहले उस बैंक या पोस्ट ऑफिस जाएं जहां खाता खुला है। वहां से विड्रॉल फॉर्म लेकर सही जानकारी भरनी होगी। इसके साथ बेटी का आयु प्रमाण पत्र और शिक्षा से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे। सभी कागजात की जांच पूरी होने के बाद राशि खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।