Ganga Mai ki Betiyan 20th July 2026/Image Credit: ScreenGrab / Youtube / @Zee 5
Ganga Mai ki Betiyan: ‘ZEE TV’ का सबसे पसंदीदा शो ‘गंगा माई की बेटियाँ‘ की कहानी में एक ऐसा भयावह मोड़ आएगा, जो सिद्धू और दुर्गावती के पवित्र रिश्ते को अग्निपरीक्षा के दौर में ढ़केल देगा। ठीक उसी समय जब गंगा, दुर्गावती को गाँव वालों के सामने अपमानित होने से बचाती है, ठीक उसी समय एक और चौंकाने वाली घटना घटती है जो पूरी कहानी का पासा पलट के रख देती है।
एपिसोड की शुरुआत में, गंगा मंदिर में जाकर पुलिस की कार्यवाही में दखल देती है और दुर्गावती को गिरफ्तार होने से बचा लेती है। अपनी पुरानी दोस्त पर पूरा भरोसा करते हुए, गंगा को विश्वास है कि दुर्गावती कभी उसका ढ़ाबा नहीं जला सकती है। गंगा के इस कड़े विरोध से पुलिस को पीछे हटना पड़ता है, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह जाते हैं।
कुछ देर बाद, पुलिस दोबारा दुर्गावती के घर पहुँच जाती है। इस बार पुलिस उसे बताती है कि ढ़ाबे में आग लगाने के आरोप में उसे गिरफ्तार करने वापस आए हैं। यह सुनकर दुर्गावती चौंक जाती है और पुलिस को कड़े शब्दों में याद दिलाती है कि गंगा ने खुद सबके सामने, उसकी बेगुनाही का पक्ष लेते हुए, उसका बचाव किया था।
इंस्पेक्टर दुर्गावती को समझाते हुए कहता है कि अब एक औपचारिक शिकायत दर्ज हो चुकी है और उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पालन करना ही होगा। यह सुनकर दुर्गावती चौंक जाती है और पूछती है कि उसकी शिकायत किसने दर्ज कराई है? दुर्गावती के पैरों तले ज़मीन तो तब खिसकती है जब सिद्धू आगे आकर यह चौंकाने वाला खुलासा करता है कि शिकायत किसी और ने नहीं, बल्कि उसने ही दर्ज कराई थी।
दुर्गावती को गहरा सदमा लगता है। वह सिद्धू के फैसले पर सवाल उठाते हुए उसे कहती है कि यदि वह सचमुच उसे दोषी मानता है तो वह खुद उसके हाथों में हथकड़ी पहनाएगा। यह सुनकर सिद्धू भावुक हो जाता है। आँखों में आंसू लिए, अपनी माँ के प्रति प्यार और न्याय के बीच उलझे सिद्धू ने रोते हुए धीरे-धीरे दुर्गावती को हथकड़ी पहना दी। इस दुखद दृश्य ने पूरे परिवार को अंदर तक झकझोर दिया क्योंकि दुर्गावती बिलकुल टूट चुकी थी।
अब यह देखना बहुत दिलचस्प होगा कि क्या सिद्धू का यह आत्मघाती कदम, असली सच को दुनिया के सामने लाएगा या दुर्गावती को इंदु के बिछाए जाल में और ज्यादा उलझा देगा?