Brother helps sister pregnancy: ट्रांसजेंडर भाई के जरिए प्रेग्नेंट हो गई बहन, ऐसी कहानी जिसे सुनकर हर कोई रह गया दंग

Transgender brother helps sister pregnancy : स्टोरी है केनी एथन जोन्स की, जो एक ट्रांसजेंडर इन्फ्लुएंसर का नाम है। अब वह परिवार के लिए लड़ने वाले हौसले का नाम बन गया है। एक ऐसे प्यार की मिसाल बन गया है जो हर दिल को छू जाए और हर सोच को झकझोर करके रख देती है।

Brother helps sister pregnancy: ट्रांसजेंडर भाई के जरिए प्रेग्नेंट हो गई बहन, ऐसी कहानी जिसे सुनकर हर कोई रह गया दंग

Transgender man helps sister get pregnant

Modified Date: January 7, 2026 / 09:39 pm IST
Published Date: January 7, 2026 9:37 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बहन को मां बनने में हो रही थी प्रॉब्लम
  • ट्रांसजेंडर भाई ने ऐसे की मदद
  • बहन का मां बनने का सपना पूरा

Transgender man helps sister get pregnant: एक भाई ने अपनी पहचान और जिदंगी की जटिल संघर्ष के बीच अपनी बहन के लिए वह कर दिखाया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। अपनी हार्मोन थेरेपी रोककर, अपनी प्रजनन शक्ति को दांव पर लगाकर, उसने अपनी बहन के मां बनने के सपने को साकार कर दिया।

आपको बता दें कि यह स्टोरी है केनी एथन जोन्स की, जो एक ट्रांसजेंडर इन्फ्लुएंसर का नाम है। अब वह परिवार के लिए लड़ने वाले हौसले का नाम बन गया है। एक ऐसे प्यार की मिसाल बन गया है जो हर दिल को छू जाए और हर सोच को झकझोर करके रख देती है।

बहन को मां बनाने में की मदद (transgender brother helps sister pregnancy)

Brother helps sister pregnancy: बता दें कि केनी एथन जोन्स, जो खुद ट्रांसजेंडर हैं, ने अपनी बहन की चार साल से चली आ रही प्रेग्नेंसी की लड़ाई में मदद करने के लिए अपनी हार्मोन थेरेपी रोक दी और अपने अंडे दान किए। बहन को मां बनने की तमन्ना ने भाई के हौंसले को और भी मजबूत कर दिया। यह सिर्फ एक मेडिकल प्रक्रिया नहीं, बल्कि परिवार की मोहब्बत और संघर्ष की मिसाल भी है।

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जेंडर डिस्फोरिया और मुश्किल सफर (egg donation by transgender)

हार्मोन थेरेपी रोकना केनी के लिए सरल नहीं था। यह उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकता था, क्योंकि शरीर की पहचान और जेंडर आईडेंटिटी में फर्क होने की वजह से जेंडर डिस्फोरिया का खतरा था। फिर भी भाई ने अपनी बहन के लिए इस परेशानी को सह लिया।

उम्मीद की नई किरण (Transgender fertility treatment case)

डॉक्टर्स ने केनी के 19 अंडे लिए, जिनसे 6 भ्रूण बने, इससे उनकी बहन के प्रेग्नेंट होने की संभावना काफी बढ़ गई। इस जज्बे ने दिखा दिया कि परिवार की मोहब्बत कैसे सबसे बड़ी ताकत बनती है, जो हर मुश्किल को आसान कर सकती है।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com