गिल अभी सीखने के दौर में, अनुभव के साथ और बेहतर होंगे: नेहरा

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गिल अभी सीखने के दौर में, अनुभव के साथ और बेहतर होंगे: नेहरा

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  • Publish Date - September 7, 2026 / 09:42 PM IST,
    Updated On - September 7, 2026 / 09:42 PM IST

कोलकाता, सात सितंबर (भाषा) गुजरात टाइटंस के मुख्य कोच आशीष नेहरा ने सोमवार को कहा कि भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल अभी नेतृत्व के मामले में ‘सीखने के दौर’ में हैं और अनुभव के साथ उनकी कप्तानी में लगातार सुधार होगा।

नेहरा और हार्दिक पंड्या ने 2022 में गुजरात टाइटंस के आईपीएल में पदार्पण के साथ कप्तान-कोच के रूप में सफल साझेदारी की थी। दोनों ने टीम को पहले ही सत्र में चैंपियन बनाया और 2023 में भी फाइनल तक पहुंचाया।

पंड्या के टीम से जाने के बाद गिल को गुजरात टाइटंस की कप्तानी सौंपी गई। युवा बल्लेबाज ने पिछले आईपीएल सत्र में टीम को उपविजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई।

पंड्या और गिल की कप्तानी की तुलना करते हुए नेहरा ने कहा, “दोनों एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। आप उत्तर और दक्षिण ध्रुव की बात कर रहे हैं। दोनों ही ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने बहुत ज्यादा कप्तानी नहीं की थी। यह कुछ ऐसा ही था, जैसे मैंने भी बहुत ज्यादा कोचिंग नहीं की थी।”

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज ने कहा, “आप समय के साथ सीखते हैं और अचानक कोई खिलाड़ी भारत के लिए दो प्रारूपों में कप्तानी कर रहा होता है। वह समय के साथ बेहतर ही होने वाला है।”

नेहरा बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के वार्षिक पुरस्कार समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे।

नेहरा के मुताबिक पंड्या उन पर पूरी तरह भरोसा करते थे और सीखने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। गिल स्वभाव से थोड़े शांत और संकोची हैं, लेकिन सीखने और खुद को बेहतर करने के लिए उतने ही उत्सुक हैं।

उन्होंने कहा, “बेशक, गिल अभी सीखने के दौर में हैं। वह केवल 26-27 साल के हैं और ऐसा नहीं है कि उन्होंने कई वर्षों से कप्तानी की है। उन्हें कप्तानी करते हुए अभी सिर्फ एक-दो सत्र हुए हैं। वह चीजें सीख रहे हैं और बेहतर होते जाएंगे।”

भारत के दो दिग्गज बल्लेबाजों रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर नेहरा ने किसी तरह का अनुमान लगाने से इनकार किया। 2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होना है। उस समय रोहित 40 और कोहली 39 वर्ष के होंगे।

उन्होंने कहा, “हमने देखा है कि सिर्फ भारतीय क्रिकेट में ही नहीं, बल्कि किसी भी खेल में दो-तीन सप्ताह पहले भी चीजें बदल जाती हैं। अगर वे अच्छा खेल रहे हैं, प्रदर्शन कर रहे हैं तो क्यों नहीं? इन खिलाड़ियों के मामले में किसी भी कोच या कप्तान के लिए फैसला आसान नहीं होगा।”

नेहरा ने कहा, “13 महीने काफी लंबा समय है लेकिन इन खिलाड़ियों के लिए उम्र सिर्फ एक संख्या है। मैं किसी तरह की निश्चितता की बात नहीं कर रहा हूं।”

भारत का मुख्य कोच बनने की महत्वाकांक्षा के बारे में पूछे जाने पर नेहरा ने कहा कि वह भविष्य की भूमिकाओं की योजना नहीं बनाते और फिलहाल गुजरात टाइटंस के साथ अपनी जिम्मेदारी से खुश हैं।

उन्होंने कहा, “सबसे पहले तो मैं इसे महत्वाकांक्षा नहीं कहूंगा। मैं कभी चीजों की योजना नहीं बनाता। हां, यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान और सौभाग्य होगा, लेकिन मैं इस तरह की चीजों की योजना नहीं बनाता। भविष्य में देखेंगे। कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। मैं जहां हूं, वहां बहुत खुश हूं।”

भाषा

आनन्द सुधीर

सुधीर