पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप से पूर्व मांडविया ने कहा, ओलंपिक में शामिल करने की कोशिश जारी

पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप से पूर्व मांडविया ने कहा, ओलंपिक में शामिल करने की कोशिश जारी

पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप से पूर्व मांडविया ने कहा, ओलंपिक में शामिल करने की कोशिश जारी
Modified Date: May 26, 2026 / 03:58 pm IST
Published Date: May 26, 2026 3:58 pm IST

नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा कि भारत की 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की इच्छा को ध्यान में रखते हुए भविष्य के ओलंपिक खेलों की सूची में योगासन को शामिल करने के लिए जोर दिया जाएगा। यह खेल चार से आठ जून तक अहमदाबाद में पहली विश्व चैंपियनशिप के साथ विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है।

इस विश्व चैंपियनशिप में 60 से अधिक देशों के 529 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे जिनमें से 114 भारतीय योगासन खिलाड़ी भी शामिल हैं। भारतीय टीम का चयन ट्रायल के बाद किया गया था और अभी वह अहमदाबाद के वीर सावरकर खेल परिसर में ट्रेनिंग शिविर में हिस्सा ले रही है।

मांडविया ने यहां विश्व योगासान चैंपियनशिप की शुरुआत के मौके पर एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘योगासन 2030 में अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में पारंपरिक खेलों में से एक होगा… हम 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए दावेदारी कर रहे हैं और जब ऐसा होगा तो हमारा खेल भी उस सूची में होना चाहिए। भारत सरकार और राष्ट्रीय महासंघ (योगासन भारत) दोनों ही यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि उस समय तक योग एक ओलंपिक खेल बन जाए।’’

खेल मंत्री ने कहा, ‘‘प्रक्रिया यह है कि एक अंतरराष्ट्रीय महासंघ बनने के लिए आपके पास 75 देशों के हस्ताक्षरकर्ता होने चाहिए जिसके बाद किसी खेल को ओलंपिक में शामिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से अपील की जा सकती है।’’

विश्व योगासन के उपाध्यक्ष उदित सेठ ने भी इस विचार का समर्थन किया।

सेठ ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य इसे 2032 के ओलंपिक में एक प्रदर्शनी खेल के रूप में शामिल करवाना है और फिर 2036 में इसे पदक स्पर्धा बनाना है, चाहे ये खेल अहमदाबाद में हों या कहीं और।’’

विश्व चैंपियनशिप के लिए 529 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है। इस चैंपियनशिप में छह आयु वर्गों के लिए 12 स्पर्धाएं होंगी जिनमें 10 वर्ष की आयु से लेकर 55 वर्ष तक के पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल होंगे।

विश्व योगासन के महासचिव जयदीप आर्य ने कहा कि प्रतिभागियों की संख्या और भी अधिक हो सकती थी लेकिन खाड़ी क्षेत्र में चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण कुछ देशों को अपना नाम वापस लेना पड़ा।

आर्य ने कहा, ‘‘युद्ध के कारण तीन-चार देशों को अपना नाम वापस लेना पड़ा लेकिन कुल मिलाकर भागीदारी काफी अच्छी है। भारत के बाद नेपाल और श्रीलंका के सबसे बड़े दल हैं लेकिन हमारे पास नीदरलैंड, ओमान, जापान, कीनिया और मॉरीशस जैसे देशों से भी भागीदारी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘योग एक स्वास्थ्य तकनीक है लेकिन योगासन एक शारीरिक मुद्रा है जिसका मूल्यांकन किया जा सकता है। हमने प्रतियोगिता को कलात्मक और लयबद्ध श्रेणियों में विभाजित किया है और खेल के मैदान के चारों ओर मौजूद नौ जज अंक प्रदान करेंगे।’’

आसन करते समय खिलाड़ियों को संरेखण, समरूपता, चेहरे की दिशा और मांसपेशियों की स्थिरता जैसे अन्य पहलुओं के आधार पर परखा जाएगा।

भाषा सुधीर पंत

पंत


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