नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) कश्मीर ‘विलो’ (जिस लकड़ी से बल्ले का निर्माण होता है) सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज क्रिकेटरों के सफर का हिस्सा रही है और इस महान खिलाड़ी ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर को रणजी ट्रॉफी में मिली सफलता को क्रिकेट के लिए मददगार से लेकर चैंपियन बनने तक का एक ‘खूबसूरत’ बदलाव करार दिया।
जम्मू-कश्मीर ने हुबली में खेले गए फाइनल मुकाबले में आठ बार की विजेता कर्नाटक को पहली पारी में बढ़त के आधार पर हराकर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी प्रतियोगिता जीतकर इतिहास रच दिया।
अनुभव के लिहाज से दोनों टीमों के बीच काफी अंतर होने के बावजूद यह मैच एकतरफा साबित हुआ। कर्नाटक की टीम में केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, कप्तान देवदत्त पडिक्कल और प्रसिद्ध कृष्णा सहित चार भारतीय टेस्ट क्रिकेटर शामिल थे।
तेंदुलकर ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘कश्मीरी ‘विलो’ (बल्ला) कई चैंपियनों की किट का हिस्सा रही है। जम्मू-कश्मीर का चैंपियनों को सक्षम बनाने से लेकर खुद चैंपियन बनने तक का सफर देखना बेहद खूबसूरत है।’’
तेंदुलकर ने इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के सफल अभियान में उनकी निरंतरता और जुझारूपन की भी सराहना की। इसमें औकिब नबी के फाइनल में लिये पांच विकेट के साथ पूरे सत्र में लिए गए 60 विकेट शामिल है।
उन्होंने लिखा, “यह सत्र निरंतरता, जुझारूपन और उत्कृष्ट प्रदर्शन पर आधारित था। चुनौतीपूर्ण अभियान में औकिब नबी का गेंद से प्रभाव सबसे अलग रहा।”
तेंदुलकर ने कहा, “टीम, कोच और सहायक कर्मचारियों के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। इस तरह की यात्राएं घरेलू क्रिकेट की खूबसूरती को परिभाषित करती हैं।’’
तेंदुलकर ने जहां जम्मू-कश्मीर के विजयी खिलाड़ियों में नबी का नाम लिया, वहीं उनके पूर्व साथी और भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने इस दाएं हाथ के तेज गेंदबाज को भारतीय टेस्ट टीम में शामिल करने की वकालत की।
गांगुली ने फेसबुक पर लिखा था, “जम्मू-कश्मीर ने दुनिया को दिखाया है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प क्या कर सकते हैं। उन्होंने उस क्षेत्र को बहुत गौरवान्वित किया है। कठिन परिस्थितियां मजबूत लोगों को जन्म देती हैं। औकिब नबी राष्ट्रीय टीम में शामिल होने के लिए तैयार हैं।”
भाषा आनन्द नमिता
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