(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, 14 मई (भाषा) नेपाल ने बृहस्पतिवार को उन मीडिया रिपोर्ट को “पूरी तरह से झूठा और बेबुनियाद करार दिया”, जिनमें कहा गया है कि हिमालयी देश में प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों को विभिन्न प्रतिबंधों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उसने कहा कि भारत से आने वाले पर्यटकों पर कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
नेपाल के पर्यटन बोर्ड ने एक बयान में कहा कि नेपाल और भारत के बीच खुली सीमा व्यवस्था और द्विपक्षीय समझौते बरकरार हैं तथा दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी व्यक्ति से व्यक्ति संबंधों, सांस्कृतिक रिश्तों और पर्यटन सहयोग में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने उन मीडिया रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया है कि नेपाल की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को विभिन्न प्रतिबंधों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के एक वर्ग की ओर से प्रसारित उन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है, जिनमें कहा गया है कि भारतीय नागरिकों पर वीजा और 30 दिन की समय सीमा सहित अन्य नियम लागू किए जा रहे हैं।
इससे पहले, नयी दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था, “कोई वीजा नहीं, कोई झंझट नहीं। बस दिल।”
उन्होंने लिखा था, “कोई सीमा नहीं, बस अनुभव। पासपोर्ट या मतदाता पहचान पत्र का इस्तेमाल करें। हवाई जहाज से आएं या अपनी कार से आएं।”
विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “अगर आप कार से आ रहे हैं, तो आपको वाहन प्रवेश परमिट के लिए पंजीकरण कराना होगा।”
हालांकि, अधिकारी ने कहा कि नेपाल आने वाले भारतीयों के लिए कोई समय सीमा नहीं है, लेकिन वाहनों के लिए परमिट 30 दिनों के लिए प्रदान किया जाएगा, जिसका कुछ शुल्क का भुगतान करके नवीनीकरण कराया जा सकता है।
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने एक नोटिस जारी कर भारतीय यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे “भारतीय पर्यटकों पर प्रतिबंधों से संबंधित अपुष्ट खबरों पर यकीन न करें।”
बोर्ड ने दोहराया कि भारतीय पर्यटकों के ठहरने की अवधि को सीमित करने वाली कोई नयी नीति लागू नहीं की गई है और न ही नेपाल और भारत के बीच लंबे समय से प्रभावी खुली सीमा व्यवस्था एवं द्विपक्षीय समझौतों में कोई बदलाव किया गया है।
उसने कहा, “दरअसल, नेपाल सरकार ने हाल में एक नयी ऑनलाइन प्रणाली शुरू की है, जिसका मकसद निजी वाहनों से सड़क मार्ग के जरिये नेपाल में प्रवेश करने वाले भारतीयों और अन्य अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों के लिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना है।”
भाषा पारुल नरेश
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