(जी उन्नीकृष्णन)
चेन्नई, 21 जून (भाषा) भारत ने अपने कुछ प्रमुख गेंदबाजों को विश्राम देकर अफगानिस्तान के खिलाफ एक दिवसीय श्रृंखला में कम अनुभवी गेंदबाजों को आजमाया था जिन्होंने शानदार प्रदर्शन करके अगले साल होने वाले विश्व कप से पहले कप्तान शुभमन गिल और टीम प्रबंधन के हौसले बुलंद कर दिए।
आईपीएल के व्यस्त सत्र के बाद थकान के कारण जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और अक्षर पटेल की अनुपस्थिति का मतलब था कि भारत तीन मैचों की श्रृंखला में गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे जैसे नए गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरा। इन तीनों ने इस श्रृंखला से वनडे क्रिकेट में पदार्पण भी किया।
बराड़ सबसे प्रभावशाली गेंदबाज रहे, जिन्होंने तेज गति और उछाल भरी गेंदबाजी करते हुए सात विकेट लिए। यादव और दुबे ने धर्मशाला और लखनऊ की सपाट पिच पर अच्छा प्रदर्शन किया। गिल ने उनके प्रदर्शन को उत्साहजनक बताया।
उन्होंने भारत की श्रृंखला में 3-0 से जीत के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भारतीय क्रिकेट के लिए यह बहुत अच्छे और उत्साहजनक संकेत हैं कि हम ऐसे तेज गेंदबाजों को तैयार करना जारी रख सकते हैं जो लगातार अच्छी गति से गेंदबाजी कर सकें।’’
गिल ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अब हमारे पास अच्छे तेज गेंदबाजों का एक समूह है जो 140 से अधिक की गति से गेंदबाजी कर सकते हैं। वे लंबे कद के हैं, सही जगहों पर गेंद डाल सकते हैं और जब विकेट या परिस्थितियों से कुछ खास मदद नहीं मिल रही हो तो पुरानी गेंद से भी मौके बना सकते हैं।’’
इन गेंदबाजों ने जिस तरह से रणनीति को समझा और उस पर अच्छी तरह से अमल किया उससे गिल काफी प्रभावित नजर आए।
उन्होंने कहा, ‘‘यह परिस्थितियों का आकलन करने से जुड़ा है। अलग-अलग तरह के विकेट पर अलग-अलग तरह की लेंथ की गेंदबाजी करने से जुड़ा है। इसलिए एक गेंदबाजी इकाई के रूप में, हम जो काम करने की कोशिश कर रहे हैं, वह यह आकलन करना है कि आप स्टंप के ऊपरी हिस्से पर कितनी निरंतरता से गेंद डाल सकते हैं, क्योंकि इस तरह की गेंद पर शॉट लगाना सबसे मुश्किल होता है।’’
प्रसिद्ध कृष्णा ने गिल के आकलन का सबसे सटीक नमूना पेश किया। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में पहले 10 ओवर में ही चार विकेट हासिल कर दिए थे और आखिर में पांच विकेट लेकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहे।
कर्नाटक का यह तेज गेंदबाज स्वाभाविक रूप से हार्ड लेंथ पर गेंदबाजी करता है, लेकिन उन्होंने चेन्नई की परिस्थितियों को अच्छी तरह से भांप लिया और स्टंप्स के करीब फुल लेंथ की गेंदें फेंकने का विकल्प चुना।
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हम सभी ने उसकी क्षमता देखी है। अगर वह उन क्षेत्रों में सही गेंदबाजी कर सकता है तो वह एक गेंदबाज के रूप में हमारे लिए अवसर पैदा कर सकता है। अगर वह ऐसा करना जारी रखता है, तो यह हमारे लिए अच्छा होगा।’’
भाषा
पंत
पंत