बुमराह ने चोट से वापसी पर किया अभ्यास, सूर्यवांशी की ली कड़ी परीक्षा

बुमराह ने चोट से वापसी पर किया अभ्यास, सूर्यवांशी की ली कड़ी परीक्षा

बुमराह ने चोट से वापसी पर किया अभ्यास, सूर्यवांशी की ली कड़ी परीक्षा
Modified Date: September 11, 2026 / 09:13 pm IST
Published Date: September 11, 2026 9:13 pm IST

… कुशान सरकार …

नयी दिल्ली, 11 सितंबर (भाषा) जसप्रीत बुमराह की मौजूदगी से भारतीय टीम में एक अलग ही ऊर्जा नजर आती है। अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 शृंखला से पहले शुक्रवार को भारतीय टीम के अभ्यास सत्र में भी कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिला। चोट से उबरकर टीम में वापसी कर रहे बुमराह ने पूरी लय में गेंदबाजी की। उनके चेहरे पर मुस्कान, कदमों में आत्मविश्वास की पूरी झलक दिखी। उन्होंने 15 वर्षीय उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को नेट सत्र में अपने हुनर की बानगी दिखाई। सूर्यवंशी को जब पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली थी, तब बुमराह इंग्लैंड में टी20 टीम का हिस्सा नहीं थे और बाद में वनडे शृंखला के लिए टीम से जुड़े थे। कोटला की रोशनी में इस बार भारतीय क्रिकेट के दिग्गज तेज गेंदबाज ने उभरते हुए ‘जेन अल्फा’ सितारे की कड़ी परीक्षा ली। बुमराह की पहली गेंद गुड लेंथ पर पड़ी। सूर्यवंशी ने बल्ला अड़ाने की कोशिश की, लेकिन गेंद को छू भी नहीं सके। अगली गेंद भी उसी लेंथ पर थी और इस बार भी वह तेजी से चकमा खा गए। तीसरी गेंद पर बुमराह ने सटीक यॉर्कर डाली, जिसे वैभव ने किसी तरह बल्ले के नीचे लाकर रोक लिया। चौथी गेंद थोड़ी शॉर्ट ऑफ लेंथ थी और युवा बल्लेबाज के बल्ले का किनारा लेकर निकल गई। चार गेंदों में ही बुमराह ने बता दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैभव को किस तरह की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। बुमराह की एक गेंद थोड़ी आगे टप्पा खाई और सूर्यवंशी ने उसे कवर के ऊपर से शानदार तरीके से खेलते हुए बाउंड्री के पार भेज दिया। कुल मिलाकर यह युवा बल्लेबाज के लिए नेट सत्र में आसान दिन नहीं था। क्षेत्ररक्षण अभ्यास के दौरान उन्होंने कम से कम तीन कैच टपकाए और तेज गेंदबाजों के खिलाफ कई बार गेंद को खेलने से चूक गए। दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में निराशाजनक प्रदर्शन करने वाले यश ठाकुर ने भी उन्हें परेशान किया। वहीं, अर्शदीप सिंह ने अपनी प्रभावी सीम मूवमेंट से सूर्यवंशी को कई बार चकमा दिया। दिन का असली आकर्षण बुमराह ही रहे। उन्होंने कप्तान श्रेयस अय्यर को भी कुछ गेंदें डालीं और अपनी रफ्तार से उन्हें अंदर और बाहर दोनों किनारों पर परेशान किया। भाषा आनन्द आनन्द


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