बीडब्ल्यूएफ ने आईजी खेल परिसर की समीक्षा की, कहा विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए फिट है स्थल

बीडब्ल्यूएफ ने आईजी खेल परिसर की समीक्षा की, कहा विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए फिट है स्थल

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 10:08 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 10:08 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) बैडमिंटन की विश्व संस्था (बीडब्ल्यूएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने इंदिरा गांधी खेल परिसर में सुविधाओं की समीक्षा की है जिसमें इंडिया ओपन का आयोजन हो रहा है और माना कि यह स्थल अगस्त में विश्व चैंपियनशिप आयोजित करने के लिए सभी जरूरतों को पूरा करता है।

इंडिया ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट के शुरुआती दिनों में हवा के स्तर, बहुत अधिक ठंड, साफ-सफाई और स्थल पर आवारा जानवरों की मौजूदगी को लेकर शिकायतों का साया रहा।

खेलने की स्थितियों की आलोचना के बीच बीडब्ल्यूएफ ने एक विस्तृत बयान जारी किया और उसने इन चिंताओं को स्वीकार किया। उसने इस बात को रेखांकित किया कि आयोजन के दौरान कौन से कदम उठाए गए हैं।

विश्व संस्था ने बयान में कहा, ‘‘बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने योनेक्स-सनराइज इंडिया ओपन 2026 के दौरान खिलाड़ियों और टीम के साथ मिलकर नयी दिल्ली में इंदिरा गांधी खेल परिसर की स्थितियों की समीक्षा की है।’’

उसने कहा, ‘‘जो प्रतिक्रिया मिली वो सकारात्मक और रचनात्मक दोनों हैं और ये इस टूर्नामेंट और भविष्य की चैंपियनशिप के लिए सबसे अच्छा माहौल बनाने में बहुत अहम हैं। हम खिलाड़ियों द्वारा साझा की गई प्रतिक्रियाओं और उसके बाद मीडिया कवरेज को भी स्वीकार करते हैं। ’’

दानिश खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने स्थितियों को ‘स्वास्थ्य के लिए खराब’ बताया जिससे सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना हुई और तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग उठी क्योंकि अगस्त में इसी परिसर में विश्व चैंपियनशिप का आयोजन होना है।

कुछ अन्य खिलाड़ियों ने भी राजधानी में खेलने की स्थितियों को लेकर चिंता जताई थी जिसमें बहुत ज्यादा प्रदूषण और ठंड के मौसम से प्रतिभागियों पर असर पड़ रहा था।

इन मुद्दों पर बात करते हुए बीडब्ल्यूएफ ने कहा कि मौसमी कारकों ने चुनौतियां पेश कीं। बयान में कहा गया, ‘‘मुख्य रूप से मौसम की स्थितियों से संबंधित कारकों को प्रबंधित करने ने चुनौतियां पेश कीं जिसमें धुंध और ठंड का मौसम शामिल रहा जो स्थल के अंदर हवा के स्तर और तापमान को प्रभावित कर रहा है। हालांकि हमारा आकलन इस बात की पुष्टि करता हैं कि इंदिरा गांधी खेल परिसर केडी जाधव स्टेडियम की तुलना में महत्वपूर्ण अपग्रेड है जो बेहतर ढांचा प्रदान करता है। ’’

बीडब्ल्यूएफ ने नए स्थल पर शुरुआती परिचालन कमियों का भी जिक्र किया जिसकी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ ने आलोचना की थी।

उसने कहा, ‘‘सामान्य साफ-सफाई और स्वच्छता के साथ जानवरों को नियंत्रित करने सहित कार्यान्वयन के कुछ क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरूरत थी। भारतीय बैडमिंटन संघ ने इन चिंताओं को दूर करने के लिए तुरंत कार्रवाई की है। ’’

बीडब्ल्यूएफ ने कहा, ‘‘खिलाड़ियों ने खेलने की सतह और फ्लोरिंग, जिम और मेडिकल सुविधाओं में सकारात्मक सुधारों की बात की है। ’’

इंडिया ओपन को विश्व चैंपियनशिप से पहले एक अहम परीक्षण टूर्नामेंट के तौर पर देखा जा रहा था और तैयारियों को लेकर चिंताओं ने स्थल की उपयुक्तता पर सवाल खड़े कर दिए थे।

बीडब्ल्यूएफ ने दोहराया कि पुराने केडी जाधव स्टेडियम से हटने का मकसद अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करना था।

बयान में कहा गया है, ‘‘इंदिरा गांधी खेल परिसर में जाने से खिलाड़ियों और अधिकारियों को ज्यादा जगह मिलती है और यह बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए बीडब्ल्यूएफ की ‘फील्ड ऑफ प्ले’ की जरूरतों को पूरा करता है। ’’

बीडब्ल्यूएफ ने भरोसा जताया कि मौजूदा टूर्नामेंट से मिले सबक अगस्त में होने वाली प्रतियोगिता से पहले सुधारों में बदलेंगे।

इसमें कहा गया है, ‘‘इस हफ्ते इकट्ठा की गई जानकारी अगस्त में विश्व स्तरीय अनुभव देने के लिए आगे के अपग्रेड में मदद करेगी क्योंकि तब मौसमी समस्याओं के इतने गंभीर होने की उम्मीद नहीं है। ’’

इसके अनुसार, ‘‘हमारी प्राथमिकता सभी प्रतिभागियों के लिए एक सुरक्षित, उच्च-गुणवत्ता वाला माहौल सुनिश्चित करना है। हमें विश्वास है कि यह सभी हितधारकों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा। हम खिलाड़ियों और टीम को उनकी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद देते हैं और भारतीय बैडमिंटन संघ के साथ साझेदारी में लगातार सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। ’’

भाषा नमिता

नमिता