राजकोट, 21 सितंबर (भाषा) यशबर्धन चौहान के 122 और वीके विनीत के 87 रन की मदद से भारत ने सोमवार को यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे युवा वनडे में 103 रन से बड़ी जीत हासिल की और इस तरह से तीन मैचों की अंडर-19 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।
चौहान के शतक, विनीत के अर्धशतक तथा आर्यवीर सहवाग (47) और कुशाग्र ओझा (34) के महत्वपूर्ण योगदान से भारत अंडर-19 टीम ने निरंजन शाह स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 341 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम 41.1 ओवर में 238 रन पर आउट हो गई।
भारत ने इससे पहले बारिश से प्रभावित पहला मैच सात रन से जीता था। यह मैच 20-20 ओवर का कर दिया गया था।
तीसरा और अंतिम युवा वनडे मैच बुधवार को यहां खेला जाएगा, जिसके बाद दोनों टीमें दो मैचों की चार दिवसीय युवा टेस्ट की श्रृंखला में आमने-सामने होंगी।
ऑस्ट्रेलिया के सामने बड़ा लक्ष्य था और भारत ने उस पर दबाव बनाने के लिए सात अलग-अलग गेंदबाज़ी विकल्पों का इस्तेमाल किया। चिगुरुपति वेंकट भारतीय गेंदबाजों में सबसे सफल रहे। उन्होंने 64 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि काव्या पटेल और चौहान ने दो-दो विकेट लिए।
मोहित उल्वा, मनल चौहान और यशवीर गौड़ ने भी एक-एक विकेट लिया।
भारत ने शानदार शुरुआत की, जिसका श्रेय काफी हद तक सहवाग की तूफानी पारी को जाता है। सहवाग ने कप्तान लक्ष्य रायचंदानी (11) के साथ पहले विकेट के लिए 46 रन की साझेदारी करने के बाद विनीत के साथ दूसरे विकेट के लिए 55 रन जोड़े, जिसके बाद वह रन आउट हो गए।
लेकिन पहले मैच में 18 गेंद पर 38 रन बनाने वाले अन्वय द्रविड़ इस मैच में केवल नौ रन ही बना पाए।
चौहान और विनीत ने तीसरे विकेट के लिए 132 रन की साझेदारी की। चौहान ने 15 चौके और दो छक्के लगाकर 100 गेंदों में 122 रन बनाए, जबकि विनीत ने 92 गेंदों में 87 रन बनाए, जिनमें छह छक्के और चार चौके शामिल थे।
कुशाग्र ओझा ने अंतिम ओवरों में 20 गेंदों में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 34 रन बनाए, जिससे भारत विशाल स्कोर खड़ा करने में सफल रहा।
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से थॉमस वासेओ ने 78 रन देकर तीन जबकि पैट्रिक सुलिवन ने 55 रन दे कर दो विकेट लिए।
ऑस्ट्रेलिया की टीम बड़ी लक्ष्य के सामने शुरू में ही दबाव में आ गई। उल्वा और वेंकट ने उसे शुरुआती झटके दिए। मैथ्यू लॉघ (42), कप्तान जैक चोस्नेक (63 गेंदों पर 81 रन) और ब्लेक कैटल ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन नियमित अंतराल में विकेट गंवाने के कारण लक्ष्य उसके लिए दूर की कौड़ी बन गया।
भाषा
पंत आनन्द
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