आलोचना जायज़ है, मैंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है: गुकेश

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आलोचना जायज़ है, मैंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है: गुकेश

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  • Publish Date - May 25, 2026 / 10:37 AM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 10:37 AM IST

(अजय मसंद)

ओस्लो, 25 मई (भाषा) भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने किसी तरह का बहाना बनाने से परहेज करते हुए स्वीकार किया कि 2024 का विश्व खिताब जीतने के बाद से उनका प्रदर्शन अपेक्षानुरूप नहीं रहा और उनके खेल को लेकर पूर्व दिग्गजों की आलोचना जायज थी।

गुकेश ने पिछले 18 महीनों में निराशाजनक प्रदर्शन किया है और वह इस साल के आखिर में अपना विश्व किताब बचाए रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ फॉर्म हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

इस 19 वर्षीय खिलाड़ी ने हालांकि कहा कि वह आलोचनाओं को नजरअंदाज करने की कोशिश करते हैं लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि चैलेंजर जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ अपने विश्व खिताब का बचाव करने से पहले परिणाम उनके अनुकूल नहीं रहे हैं।

गुकेश ने कहा, ‘‘कुछ पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों की आलोचना या टिप्पणियों पर मैंने गौर नहीं किया लेकिन इनमें से कुछ मैंने सुनी हैं और मुझे लगता है कि वह जायज हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले डेढ़ साल से मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। मुझे लगता है कि मेरा प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। आलोचकों को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है और मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का अधिकार है।’’

गुकेश ने इस साल टाटा स्टील शतरंज टूर्नामेंट में 10वां, प्राग अंतरराष्ट्रीय शतरंज महोत्सव में नौवां और हाल ही में ग्रैंड शतरंज टूर पर सुपरबेट रैपिड एंड ब्लिट्ज पोलैंड में छठा स्थान हासिल किया।

गुकेश ने हाल ही में ग्रैंड शतरंज टूर की सभी क्लासिकल प्रतियोगिताओं से हटने का फैसला किया है और फिलहाल वह चैलेंजर सिंदारोव के खिलाफ अपने विश्व चैम्पियनशिप खिताब के मुकाबले से पहले केवल नॉर्वे शतरंज और शतरंज ओलंपियाड में ही खेलेंगे।

गुकेश ने कहा कि उन्हें विश्व चैम्पियनशिप का मैच दुनिया में कहीं भी खेलने में खुशी होगी, लेकिन इसके साथ ही यह भी स्वीकार किया कि अगर इसे भारत में आयोजित किया जाता है तो यह उनके लिए खास बन जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘इसे कहीं भी आयोजित किया जाता है मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा। भारत में हमेशा बहुत दबाव रहता है। विश्व चैंपियनशिप बहुत से लोगों का ध्यान आकर्षित करेगी। अगर यह भारत में होती है तो यह बहुत बढ़िया होगा और मुझे बहुत खुशी होगी।’’

भाषा

पंत

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