Ex Cricketer Joins TMC: टीम का कप्तान रह चुके पूर्व क्रिकेटर ने थामा टीएमसी का दामन, ममता बनर्जी के साथ आते ही कहा- खेल को लेकर आपकी योजनाओं से हुआ प्रभावित / Image: IBC24
कोलकाता: Ex Cricketer Joins TMC पश्चिम बंगाल के पूर्व क्रिकेटर शिव शंकर पॉल, संथाल शिक्षाविद् तनुश्री हंसदा और इस्लामी मामलों के जानकार मोहम्मद मुफ्ती अब्दुल मतीन मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। इस अवसर पर राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘शिव शंकर पॉल एक पूर्व क्रिकेटर हैं, जिन्होंने बंगाल को गौरवान्वित किया है और अब वह युवा प्रतिभाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं।’’ बंगाल का प्रतिनिधित्व कर चुके प्रथम श्रेणी के पूर्व क्रिकेटर तेज गेंदबाज पॉल कोलकाता, तूफानगंज और कूच बिहार में ‘शिव शंकर पॉल क्रिकेट अकादमी’ चलाते हैं।
Ex Cricketer Joins TMC भट्टाचार्य ने सरकार की ‘खेलाश्री’ योजना को लेकर कहा कि इसके तहत 38,000 से अधिक क्लब, 1,300 कोचिंग शिविरों और 34 राज्य-स्तरीय खेल संगठनों को वित्तीय सहायता दी गई है। मतीन उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली और मुर्शिदाबाद के 86 मदरसों से जुड़े हैं। वह मतीन साहब के नाम से जाने जाते हैं। वहीं, हंसदा कोलकाता के हेरम्बा चंद्र कॉलेज में बांग्ला भाषा की विभागाध्यक्ष और सहायक प्रोफेसर हैं। उनके पास 15 वर्षों से अधिक का शिक्षण अनुभव है।
हंसदा अखिल भारतीय संथाली लेखक संघ में सक्रिय रही हैं और वह बांकुड़ा, झाड़ग्राम और पुरुलिया जिलों में जमीनी स्तर पर काम करती हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सरकार के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का सशक्तीकरण सर्वोच्च प्राथमिकता रहा है। पश्चिम बंगाल की 294-सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा और मतगणना चार मई को होगी।
राज्य की 294 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होना निर्धारित है। वहीं, वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 294 में से 215 सीटें जीती थीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 77 सीटें मिली थीं। बता दें कि सत्तारूढ दल ने अब तक उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की है। लेकिन उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता हासिल करने के लिए अपनी चुनावी रणनीति में शायद बदलाव करने जा रही हैं। हालांकि, पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनाव में उम्मीदवारों की सूची में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, खासकर उन निर्वाचन क्षेत्रों में जहां पार्टी को 2021 में हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा जिन सीटों पर पार्टी जीती थी, वहां भी कुछ मौजूदा विधायकों को बदला जा सकता है।