मैं अब बदला हुआ इंसान हूं, चौबीसों घंटे मजाक नहीं करता: ईशान किशन

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मैं अब बदला हुआ इंसान हूं, चौबीसों घंटे मजाक नहीं करता: ईशान किशन

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  • Publish Date - February 13, 2026 / 11:13 AM IST,
    Updated On - February 13, 2026 / 11:13 AM IST

(भरत शर्मा)

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने स्वीकार किया कि अपने व्यक्तित्व में बदलाव ने उन्हें एक बेहतर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

किशन ने पिछले महीने भारतीय टीम में वापसी के बाद से पीछे मुड़कर नहीं देखा है। अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने संजू सैमसन को पीछे छोड़कर विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है।

इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने गुरुवार रात नामीबिया के खिलाफ 24 गेंदों में 61 रन बनाए और पावरप्ले में भारत को एक विकेट पर 86 रन तक पहुंचाया। अभिषेक शर्मा की अनुपस्थिति में खेली गई इस तूफानी पारी के चलते भारत ने टी20 विश्व कप के इतिहास में पावरप्ले में अपना सर्वोच्च स्कोर बनाया।

भारत की जीत के बाद किशन ने पत्रकारों को बताया कि एक व्यक्ति और क्रिकेटर के रूप में उनमें क्या बदलाव आया है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब वह पहले की तरह मजाक नहीं करते। अतीत में अपने व्यवहार के कारण उन्हें केंद्रीय अनुबंध से हाथ धोना पड़ा था।

किशन ने कहा, ‘‘सच कहूं तो मुझे लगता है कि मैं अब काफी बदल गया हूं। मैं अब पहले की तरह बहुत अधिक मजाक नहीं करता। मुझे चुटकुले और इस तरह की चीज पसंद हैं लेकिन अब मैं हर समय ऐसा नहीं करता हूं और दो तीन घंटे के लिए ही ऐसा करता हूं।’’

किशन ने कहा, ‘‘मैं अभी सिर्फ बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग पर ध्यान दे रहा हूं, जिससे टीम और मुझे दोनों को फायदा होगा। बाकी सब चीजें गौण हैं, इसलिए मैं हमेशा मजाक नहीं करता।’’

बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने बड़े शॉट खेलने में अधिक निरंतरता हासिल कर ली है। गुरुवार को उन्होंने जेजे स्मिट के एक ओवर में चार छक्के जड़े।

जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके बल्लेबाजी के तरीके में कोई बदलाव आया है जिससे उन्हें अधिक खुलकर बल्लेबाजी करने की छूट मिल रही है, तो किशन ने कहा कि वह कभी-कभी एक दो रन भी लेते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं एक दो रन भी लेता हूं और अच्छी गेंदों को पूरा सम्मान भी देता हूं। लेकिन मुझे नहीं पता कि मैंने इसके लिए बहुत ज्यादा मेहनत की है। मैंने जल्दबाजी करने या उत्साहित होकर शॉट खेलने के बजाय इसे सरल रखा।’’

किशन ने कहा, ‘‘मैं पिच पर शांत रहने और गेंद पर नजर रखने की कोशिश कर रहा हूं। मैं उन शॉट को खेलने की कोशिश कर रहा हूं जो मुझे पहले से आते हैं, लेकिन कभी-कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आप उत्साहित हो जाते हैं और ऐसे शॉट खेल देते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मैं सिर्फ अपने उन शॉट को खेलने की कोशिश कर रहा हूं जिनमें मैं माहिर हूं और जो उस खास विकेट पर उपयुक्त हैं। इसलिए मैं बल्लेबाजी के बारे में ज्यादा नहीं सोच रहा हूं, न ही अतिरिक्त अभ्यास सत्रों में भाग ले रहा हूं, बल्कि गेंद को देखने और विकेट पर शांत रहने की कोशिश कर रहा हूं।’’

भाषा

पंत

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