ग्लास्गो, एक अगस्त (भाषा) भारतीय पैरा खेलों के खिलाड़ियों ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में इतिहास रचते हुए पिछले सभी संस्करणों के कुल पदकों के बराबर पदक जीते और शनिवार को आखिरी दिन मिले एक स्वर्ण और एक रजत समेत कुल सात पदक अपने नाम किये ।
भारत के 28 सदस्यीय पैरा दल ने तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीते । पैरा खेलों में भारत का अभियान आज समाप्त हो गया ।
भारत का राष्ट्रमंडल खेलों की पैरा स्पर्धा में यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है । मैनचेस्टर में 2002 राष्ट्रमंडल खेलों में पैरा खेलों का पदार्पण हुआ था और तब से आज तक भारत ने इन खेलों में एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक जीते थे ।
ग्लास्गो से पहले बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भारत के लिये भाविना पटेल ने पैरा टेबल टेनिस में स्वर्ण और सोनलबेन पटेल ने कांस्य पदक जीते थे ।
बर्मिंघम में सुधीर ने पैरा पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण जीता था लेकिन प्रतिस्पर्धा के भीतर डोप टेस्ट में नाकाम रहने के बाद उनसे वह छीन लिया गया ।
ग्लास्गो में पैरा ट्रैक और फील्ड में तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक मिला जबकि झंडु कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता ।
पैरा एथलेटिक्स में पिछली बार भारत को राष्ट्रमंडल खेलों में पदक 2006 में मिला था जब रंजीत कुमार जयासीलन पुरूषों के चक्का फेंक में पोडियम पर रहे थे ।
ग्लास्गो में पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला (स्वर्ण) और शिल्पा शायला (कांस्य ) ने महिलाओं के शॉटपुट एफ 57 में, दिलीप गावित (स्वर्ण) और मोहम्मद बासिल (रजत) ने पुरूषों की सौ मीटर टी47 में और सोमन राणा (स्वर्ण) और शुभम जुयाल (रजत) ने पुरूषों की शॉटपुट एफ 57 में पदक जीते ।
भारतीयों ने राष्ट्रमंडल खेलों का एक रिकॉर्ड और एक एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया ।
भाषा मोना नमिता
नमिता