नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने सोमवार को यहां कहा कि दिग्गज विराट कोहली के पास ट्रेविस हेड की तरह 40 गेंदों में 100 रन बनाने की क्षमता हैं और वेस्टइंडीज तथा अमेरिका में होने वाले आगामी टी20 विश्व कप में उन्हें भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के साथ पारी का आगाज करना चाहिये।
कोहली ने हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 67 गेंदों में 100 रन बनाए, लेकिन उन्हें अपने स्ट्राइक रेट को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा था।
गांगुली ने यहां चुनिंदा मीडिया के साथ बातचीत में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘विराट कोहली में 40 गेंदों में 100 रन बनाने की भी क्षमता है। जैसा कि मैंने शुरुआत में कहा था कि भारत के पास जैसी क्षमता है उसके मुताबिक उन्हें बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतरते ही बड़े शॉट लगाने की जरूरत है। फिर देखना चाहिये कि पांच -छह ओवर के बाद क्या होगा’’
गांगुली चाहते कि चयन समिति, कोच राहुल द्रविड़ और रोहित टी20 विश्व कप के लिए टीम के सर्वोत्तम हित में निर्णय लें। वह हालांकि आदर्श रूप से कोहली-रोहित को पारी का आगाज करते देखना चाहते है।
भारत के इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘‘अगर आप मुझसे पूछें और यह सिर्फ मेरी निजी राय है और मैं यह नहीं कह रहा हूं कि चयनकर्ताओं को ऐसा करना चाहिए, क्योंकि टीम संयोजन को लेकर आखिरी फैसला उनका ही होता है।’’
इंग्लैंड के खिलाफ शानदार घरेलू टेस्ट श्रृंखला के बाद क्या यशस्वी जयसवाल के मौजूदा फॉर्म को देखते हुए टी20 विश्व कप में चयन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यशस्वी का दावा कमजोर हुआ है। वह एक विशेष खिलाड़ी हैं।’’
गांगुली ने कहा कि टी20 विश्व कप का चयन आईपीएल के सिर्फ एक चरण पर आधारित नहीं होना चाहिये।
उन्होंने ने कहा, ‘‘आपको हर प्रदर्शन को देखना होगा। एक अच्छी टीम में अनुभव और युवा खिलाड़ियों का संतुलन होता है । भारत के पास कमाल के अनुभवी खिलाड़ी हैं और वे समय के साथ बेहतर हुए है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ इस दृष्टिकोण से टीम में युवाओं का मिश्रण होना चाहिए। मुझे यकीन है कि चयनकर्ता इतने परिपक्व हैं कि सिर्फ एक आईपीएल प्रदर्शन के आधार पर टीम का चयन नहीं करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ शिवम दुबे ने पिछले साल भी अच्छा प्रदर्शन किया था और इस बार भी बेहतरीन खेल दिखा रहे है। वे कुछ समय से लगातार प्रदर्शन कर रहे है। ऋषभ पंत , दुबे और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ी लगातार अच्छा कर रहे है।’’
भाषा आनन्द सुधीर
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