अक्षर सिर्फ अपना मत रखने की जगह सभी खिलाड़ियों की बातों को तरजीह देते है: मैथ्यू मॉट

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अक्षर सिर्फ अपना मत रखने की जगह सभी खिलाड़ियों की बातों को तरजीह देते है: मैथ्यू मॉट

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  • Publish Date - April 9, 2025 / 06:36 PM IST,
    Updated On - April 9, 2025 / 06:36 PM IST

बेंगलुरू, नौ अप्रैल (भाषा) दिल्ली कैपिटल्स के सहायक कोच मैथ्यू मॉट ने इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सत्र में टीम की सफलता का श्रेय कप्तान अक्षर पटेल को देते हुए कहा कि उनकी नेतृत्व शैली खिलाड़ियों को तुरंत सहज बना देती है।

दिल्ली कैपिटल्स लगातार तीन मैच जीतकर अंक तालिका में शीर्ष पायदान पर है।

मॉट ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ टीम के अगले मैच की पूर्व संध्या पर बुधवार को यहां कहा, ‘‘ क्रिकेट और जीवन के बीच उनका संतुलन बहुत बढ़िया है। वह टीम को लेकर अपनी विचारों को साझा करते समय यह सुनिश्चित करते हैं कि अन्य खिलाड़ियों को भी इसमें शामिल किया जाए। उनके चेहरे पर मुस्कान रहती है। वह सभी की सोच के साथ सामंजस्य बिठाते हैं। ’’

मॉट ने कहा कि अक्षर ने लोकेश राहुल और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पूर्व कप्तान फाफ डुप्लेसी के जैसे टीम के अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव का अच्छे से उपयोग किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘वह सब कुछ अपने ऊपर नहीं ले रहा है। वह समूह के अन्य अनुभवी खिलाड़ियों का भरपूर लाभ उठाता है। हमने राहुल, फाफ (डुप्लेसी) का भी जिक्र किया। उनके पास बहुत अनुभव है। खासकर फाफ की कप्तानी का अपार अनुभव है। इस बारे में हमारी एक सार्थक बैठक हुई।’’

इंग्लैंड के इस पूर्व कोच ने कहा, ‘‘उन्होंने इतना क्रिकेट खेला है कि उन्हें पता है कि यह कई बार काफी उतार-चढ़ाव वाला खेल हो सकता है। आप अच्छी तरह जानते हैं कि जब आप जीत रहे होते हैं, तो सब कुछ ठीक रहता है। मुझे लगता है कि उनकी मानसिकता ऐसी है कि अगर हमारा दिन खराब भी रहा, तो वह उतना ही सकारात्मक रहेगा।’’

मॉट ने कहा कि अक्षर आगामी मैचों में अधिक गेंदबाजी करने की कोशिश करेंगे।

दिल्ली कैपिटल्स के इस कप्तान ने टीम के तीन मैचों में अब तक सिर्फ आठ ओवर गेंदबाजी की है। उन्हें अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम शायद इस बात से थोड़े हैरान थे कि उन्होंने ज्यादा गेंदबाजी नहीं की। उन्हें लगा कि दूसरे गेंदबाज़ अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। विप्रज (निगम) जैसा कोई खिलाड़ी आया  और उसने हमारे लिए कमाल का प्रदर्शन किया। उसने शायद कुछ ऐसे ओवर डाले जो अक्षर कर सकता था।’’

भाषा आनन्द नमिता

नमिता