नीरू महिला ट्रैप में सातवें स्थान पर रहीं, आईएसएसएफ शॉटगन विश्व कप में भारत के पदक का सूखा जारी

Ads

नीरू महिला ट्रैप में सातवें स्थान पर रहीं, आईएसएसएफ शॉटगन विश्व कप में भारत के पदक का सूखा जारी

  •  
  • Publish Date - May 9, 2026 / 06:26 PM IST,
    Updated On - May 9, 2026 / 06:26 PM IST

अल्माटी (कजाखस्तान) नौ मई (भाषा) नीरू धांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आईएसएसएफ शॉटगन विश्व कप की महिला ट्रैप स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई, लेकिन वह सातवें स्थान पर रहकर बाहर हो गईं।

इसके साथ ही प्रतियोगिता में भारत का पदक का इंतजार शनिवार को भी जारी रहा।

पिछले वर्ष कजाखस्तान के शिमकेंट में आयोजित एशियाई चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली 25 वर्षीय नीरू आठ निशानेबाजों के फाइनल में सबसे पहले बाहर होने वाली खिलाड़ियों में शामिल रहीं। वह शुरुआती 10 निशानों के एलिमिनेशन चरण में केवल सात निशाने साध सकीं।

ऑस्ट्रेलिया की पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पेनी स्मिथ ने 30 में 30 का परफेक्ट स्कोर बनाकर स्वर्ण पदक जीतने के साथ विश्व रिकॉर्ड भी बनाया।

स्पेन की फातिमा गाल्वेज ने 25 अंक के साथ रजत पदक जीता, जबकि स्लोवाकिया की दिग्गज निशानेबाज जुजाना रेहाक स्टेफेचकोवा ने कांस्य पदक अपने नाम किया।

नीरू ने पांच निशानों की दूसरी सीरीज में सभी निशाने साधे, लेकिन शुरुआती सीरीज में तीन निशाने चूकने का नुकसान वह पूरा नहीं कर सकीं। फाइनल में पदक जीतने वाली तीनों खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता थीं।

इससे पहले क्वालीफिकेशन दौर में नीरू ने अंतिम दो राउंड में 23 और 25 का स्कोर करते हुए कुल 116 अंक जुटाए और आईएसएसएफ प्रतियोगिताओं में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। पिछले दो वर्षों में यह उनका दूसरा विश्व कप फाइनल था। इससे पहले वह पिछले साल लोनेटो विश्व कप में चौथे स्थान पर रही थीं।

भारत की अन्य निशानेबाज मनीषा कीर ने 112 अंक के साथ 26वां और प्रगति दुबे ने 111 अंक के साथ 29वां स्थान हासिल किया।

पुरुष ट्रैप स्पर्धा में शपथ भरद्वाज 118 अंकों के साथ भारत के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज रहे और 16वें स्थान पर रहे। अहवर रिजवी 115 अंकों के साथ 39वें और विवान कपूर 114 अंकों के साथ 55वें स्थान पर रहे।

मार्च में टैंजियर में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से भी भारतीय शॉटगन दल खाली हाथ लौटा था। अब भारत को रविवार को होने वाली ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में पदक की उम्मीद रहेगी।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता