एशियाई अंडर-19 मुक्केबाजी चैंपियनशिप में नौ भारतीय फाइनल में
एशियाई अंडर-19 मुक्केबाजी चैंपियनशिप में नौ भारतीय फाइनल में
जकार्ता, 13 जुलाई (भाषा) एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत का शानदार प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा जहां अंडर-19 पुरुष और महिला वर्ग में भारत के नौ मुक्केबाजों ने फाइनल में प्रवेश किया, जबकि सेमीफाइनल में हारने वाले छह खिलाड़ियों ने कांस्य पदक अपने नाम किए।
अंडर-19 महिला वर्ग में भारत की सभी आठ मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई।
चाहत (60 किग्रा), अंशिका (75 किग्रा) और प्राची टोकस (81 किग्रा से अधिक) ने अपने-अपने मुकाबलों में चीनी ताइपे की प्रतिद्वंद्वियों को मात दी।
मेघा श्योकंद (80 किग्रा) की प्रतिद्वंद्वी मुकाबला जारी नहीं रख सकीं, जिससे वह फाइनल में पहुंच गईं।
अंडर-19 पुरुष वर्ग में आदित्य (55 किग्रा) और शुभम राजपूत (90 किग्रा) ने फाइनल में प्रवेश किया। इस आयु वर्ग में छह भारतीय मुक्केबाज सेमीफाइनल में हार गए और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
इससे पहले रविवार को अंडर-23 पुरुष और महिला वर्ग में भारत के आठ मुक्केबाजों ने फाइनल में जगह बनाई थी।
अंडर-23 महिला वर्ग में निशा (54 किग्रा), निकिता चंद (60 किग्रा), काजल (65 किग्रा), मुस्कान (75 किग्रा) और प्रियंका (80 किग्रा से अधिक) ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में प्रवेश किया।
इनमें निशा, निकिता और काजल के मुकाबले भारतीय मुक्केबाजों के एकतरफा दबदबे के कारण रेफरी को बीच में ही रोकने पड़े।
अंडर-23 पुरुष वर्ग में विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा) ने फिलीपींस के प्रतिद्वंद्वी को 5-0 से हराया, गंगा (55 किग्रा) ने जापान के मुक्केबाज को 3-2 से मात दी, जबकि वंशज (65 किग्रा) ने किर्गिस्तान के खिलाड़ी को 4-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई।
अंडर-23 वर्ग में भारत ने सात कांस्य पदक भी जीते।
महिला वर्ग में तनु (51 किग्रा), प्राची (57 किग्रा), शिवानी (70 किग्रा) और नैना (80 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किए, जबकि पुरुष वर्ग में हितेश (70 किग्रा), नीरज (75 किग्रा) और ईशान कटारिया (90 किग्रा से अधिक) कांस्य पदक जीतने में सफल रहे।
भाषा आनन्द सुधीर
सुधीर

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