एनआरएआई ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के अनुरूप संवैधानिक संशोधनों को मंजूरी दी

एनआरएआई ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के अनुरूप संवैधानिक संशोधनों को मंजूरी दी

एनआरएआई ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के अनुरूप संवैधानिक संशोधनों को मंजूरी दी
Modified Date: July 19, 2026 / 08:40 pm IST
Published Date: July 19, 2026 8:40 pm IST

भुवनेश्वर, 19 जुलाई (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राइफल महासंघ (एनआरएआई) ने रविवार को घोषणा की कि उसने अपने संविधान में व्यापक संशोधन कर उसे राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम (एनएसजीए), 2025 के अनुरूप बना दिया है।

इस पहल का उद्देश्य खिलाड़ियों के कल्याण, सख्त आचार संहिता और आंतरिक विवादों के निपटारे के लिए औपचारिक व्यवस्था स्थापित करना है।

भुवनेश्वर में शनिवार को आयोजित एनआरएआई की आम सभा की बैठक में इन संशोधनों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इसके साथ ही एनआरएआई राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 को पूरी तरह अपनाने वाले देश के शुरुआती राष्ट्रीय खेल महासंघों में शामिल हो गया है।

स्वीकृत संशोधनों के तहत भारतीय निशानेबाजी महासंघ की प्रशासनिक व्यवस्था को एनएसजीए 2025 के वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप बनाया गया है।

एनआरएआई के अध्यक्ष कालिकेश नारायण सिंह देव ने कहा, ‘‘एनएसजीए 2025 के नियामकीय मानकों को अपनाना अधिक मजबूत, जवाबदेह और खिलाड़ी-केंद्रित खेल व्यवस्था बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रगतिशील कदम है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी आम सभा का सर्वसम्मत समर्थन इस बात का प्रमाण है कि हम अपने प्रशासन को आधुनिक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इन संवैधानिक सुधारों से एनआरएआई न केवल देश के नए कानूनों का पूरी तरह पालन करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान भी बनाए रखेगा।’’

नए संविधान के तहत एनआरएआई में कई औपचारिक और वैधानिक आंतरिक व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं। इनमें खिलाड़ियों के कल्याण के लिए विशेष समितियां, कड़ी आचार संहिता तथा सभी सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए सरल और प्रभावी आंतरिक विवाद निपटान प्रणाली शामिल है।

एनआरएआई के महासचिव पवनकुमार सिंह ने कहा, ‘‘हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हमेशा अपने निशानेबाजों के हितों की रक्षा करना और उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना रहेगी। इन संरचनात्मक बदलावों को समय रहते लागू करके हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संचालन और विकास से जुड़ा सहयोग बिना किसी बाधा के मिलता रहे।’’

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम के अनुरूप यह बदलाव जमीनी स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों के विकास की पूरी प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाएगा।

भाषा आनन्द

आनन्द


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