मुंबई, 24 मई (भाषा) राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ लीग चरण के आखिरी मुकाबले में मिली शिकस्त के बाद मुंबई इंडियन्स के बल्लेबाजी कोच कीरोन पोलार्ड ने रविवार को स्वीकार किया कि कप्तान हार्दिक पंड्या का नेतृत्व कार्यकाल वैसा नहीं रहा, जैसी खिलाड़ी और फ्रेंचाइजी दोनों को उम्मीद थी।
इस हार के साथ ही पंड्या की अगुवाई वाली मुंबई इंडियन्स का अभियान 10 टीमों की अंक तालिका में नौवें स्थान पर खत्म हुआ।
पोलार्ड ने मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, “नेतृत्व के नजरिए से देखें तो हार्दिक के लिए यह वैसा नहीं रहा जैसा वह व्यक्तिगत रूप से चाहते थे। शायद यह वैसा भी नहीं रहा जैसा टीम प्रबंधन चाहता था। लेकिन एक बात निश्चित है कि हमने उन्हें टीम का नेतृत्व करने और सफल होने का हर संभव अवसर देने की कोशिश की।”
पोलार्ड ने टीम के खराब प्रदर्शन को सामूहिक विफलता बताया और किसी एक खिलाड़ी को जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया।
उन्होंने 14 मैचों में टीम की 10वीं हार के बाद कहा, “यहां बैठकर किसी एक पर दोष मढ़ने का सवाल नहीं है। जब आप हारते हैं तो आपको सामूहिक रूप से आत्ममंथन करना पड़ता है। हार्दिक कोशिश कर रहे थे, हम सभी कोशिश कर रहे थे, लेकिन चीजें हमारे पक्ष में नहीं गईं।”
उन्होंने कहा, ‘‘ अब समय सुधार करने का है। हम बैठकर चर्चा करेंगे और देखेंगे कि टीम के लिए सबसे बेहतर क्या हो सकता है। उम्मीद है कि अगले 12 महीनों में हम और मजबूत होकर लौटेंगे।”
टीम में बदलाव की संभावना पर पोलार्ड ने कहा कि फिलहाल भावनात्मक फैसले लेने का समय नहीं है, हालांकि कुछ पहलुओं की समीक्षा जरूरी होगी।
उन्होंने कहा, “अभी इस बारे में बात करने का सही समय नहीं है। हर किसी को समय चाहिए ताकि वह शांत दिमाग से मूल्यांकन कर सके कि आखिर हमसे कहां गलती हुई। जल्दबाजी में कोई फैसला लेना प्रबंधन की दृष्टि से गैरजिम्मेदाराना होगा।”
पोलार्ड ने टीम के इस आखिरी लीग मैच में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को आराम देने के फैसले को “समझदारी भरा कदम” करार दिया।
उन्होंने कहा, “जसप्रीत ऐसा खिलाड़ी है जो पूरे दिल से खेलता है। लेकिन इस मैच में जीतने पर भी हमें सिर्फ दो अंक ही मिलने वाले थे। ऐसे में हमें खिलाड़ी की स्थिति और भविष्य को ध्यान में रखना था। वह भारतीय क्रिकेट की बहुमूल्य संपत्ति हैं, इसलिए समझदारी से फैसला लेना जरूरी था।”
भाषा
आनन्द नमिता
नमिता