राहुल और पडिक्कल ने भारत को चाय के विश्राम तक एक विकेट पर 197 रन तक पहुंचाया

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राहुल और पडिक्कल ने भारत को चाय के विश्राम तक एक विकेट पर 197 रन तक पहुंचाया

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  • Publish Date - August 15, 2026 / 04:32 PM IST,
    Updated On - August 15, 2026 / 04:32 PM IST

गॉल, 15 अगस्त (भाषा) देवदत्त पडिक्कल और लोकेश राहुल ने क्रमशः नाबाद 84 और 77 रन की बेहतरीन पारियां खेलकर भारत को श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट के शुरुआती दिन शनिवार को चायकाल तक एक विकेट पर 197 रन की मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए अब तक 150 रनों की अटूट साझेदारी कर भारत का दबदबा कायम किया।

राहुल ने 162 गेंदों की अपनी पारी में बेहद धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी का परिचय दिया, जबकि 122 गेंदों पर खेली गई पडिक्कल की पारी में आकर्षक शॉट्स के साथ आक्रामकता का शानदार मिश्रण देखने को मिला।

गॉल की पिच उम्मीद के मुताबिक अब तक बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रही। गेंद में अच्छा उछाल और पर्याप्त गति थी।

प्रभात जयसूर्या, पदार्पण कर रहे ऑफ स्पिनर केशरा नुवांथा और धनंजय डी सिल्वा को कुछ मौकों पर उछाल और टर्न मिला लेकिन उनकी गेंदों की रफ्तार इतनी धीमी थी कि भारतीय बल्लेबाजों को खास परेशानी नहीं हुई।

भारत के लिए चिंता का एकमात्र क्षण तब आया जब नुवांथा की गेंद पर राहुल के बल्ले का किनारा लगा लेकिन गेंद शॉर्ट लेग पर तैनात क्षेत्ररक्षक की डाइव से मामूली अंतर से दूर निकल गई। इस मौके के अलावा दोनों भारतीय बल्लेबाजों ने श्रीलंका के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह दबाव में रखा।

राहुल ने 127 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। सपाट और बल्लेबाजी के लिए आसान पिच होने के बावजूद उन्होंने बेहद संयमित अंदाज में बल्लेबाजी जारी रखी और अपने आक्रामक शॉट्स की झलक बहुत कम दिखाई।

वह शुरुआत में तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा के खिलाफ थोड़ा असहज नजर आए। उनकी गेंद पर राहुल का बल्ला चूका और एक किनारा भी लगा लेकिन गेंद गली के क्षेत्ररक्षक के सामने ही गिर गई। इस गेंदबाज के खिलाफ राहुल के शानदार पुल शॉट से चौका मिलने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ता नजर आया।

अनुभवी खब्बू स्पिनर जयसूर्या को गेंदबाजी पर जल्दी लगा कर श्रीलंका वापसी करना चहता था लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने उन्हें शुरुआती लय हासिल करने का मौका ही नहीं दिया।

पडक्किल ने कदमों का इस्तेमाल करते हुए उनकी गेंद पर शानदार छक्का जड़ा। उन्होंने 81 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद राहुल ने भी जयसूर्या की गेंद को सीधे उनके सिर के ऊपर से छक्के के लिए भेजा और अगली ही गेंद को उसी दिशा में चौके के लिए बाउंड्री के पार पहुंचा दिया।

बारिश और मैदान गीला होने के कारण राहुल और पडिक्कल को दूसरे सत्र में दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतरने के लिए एक घंटे 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। लेकिन जैसे ही धूप खिली और मैदान खेलने लायक हुआ, दोनों बल्लेबाजों को रोकना श्रीलंकाई गेंदबाजों के लिए मुश्किल साबित हुआ।

पडिक्कल नुवांथा की गेंद पर पहली स्लिप में कैच होते-होते बचे। इस खतरे ने उनके इरादों को और मजबूत कर दिया। अगली ही मौकों में उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाज के खिलाफ कवर के बीच से करारा चौका जड़कर अपनी आक्रामक मानसिकता का परिचय दिया।

दोनों सत्रों में श्रीलंका को खुशी का केवल एक मौका मिला और वह भी राहुल तथा यशस्वी जायसवाल (32 गेंद गेंद में 37 रन) के बीच तालमेल की कमी के कारण। दोनों के बीच हुई भ्रम की स्थिति में दोनों बल्लेबाज एक ही छोर पर पहुंच गए और जायसवाल को रन आउट हो कर पवेलियन लौटना पड़ा।

इस झटके का हालांकि भारत की रन गति पर कोई असर नहीं पड़ा। भारतीय बल्लेबाजों ने लगभग चार रन प्रति ओवर की रफ्तार से रन बनाते हुए श्रीलंका पर दबाव बनाए रखा।

भाषा

आनन्द पंत

पंत