सिंधू को विश्व टूर फाइनल्स में नहीं मिलेगा सीधा प्रवेश

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सिंधू को विश्व टूर फाइनल्स में नहीं मिलेगा सीधा प्रवेश

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  • Publish Date - October 12, 2020 / 07:22 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:30 PM IST

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) भारत की स्टार खिलाड़ी पी वी संधू को विश्व टूर फाइनल में सीधा प्रवेश नहीं मिलेगा क्योंकि विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने सत्र के आखिर में होने वाले इस टूर्नामेंट में मौजूदा विश्व चैंपियन को स्वत: प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया है।

बीडब्ल्यूएफ के नियमों के अनुसार विश्व चैंपियन्स को प्रतिष्ठित विश्व टूर फाइनल्स में सीधा प्रवेश मिलता रहा है लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में व्यवधान पड़ा है और ऐसे में विश्व संस्था ने इस साल नियम को बदलने का फैसला किया।

बीडब्ल्यूएफ ने रविवार को जारी बयान में कहा, ‘‘वर्तमान नियमों के अनुसार खिलाड़ियों को बैकाक में होने वाले बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल्स 2020 के लिये क्वालीफाई करना होगा। मौजूदा विश्व चैंपियन्स को सीधा प्रवेश नहीं मिलेगा और केवल विश्व टूर टूर्नामेंट में जीत गये अंकों के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा। ’’

सिंधू ने पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने डेनमार्क ओपन से हटने का फैसला किया था और उन्हें अब विश्व टूर फाइनल्स में जगह बनाने के लिये एशियाई चरण के टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

सिंधू के पिता पी वी रमन्ना ने पीटीआई – भाषा से कहा, ‘‘हमें डेनमार्क ओपन से हटने का खेद नहीं है। अब जबकि बीडब्ल्यूएफ ने नये मानदंड तय कर दिये हैं तो सिंधू एशियाई चरण से क्वालीफाई करने की कोशिश करेगी। वह विश्व चैंपियन है और पूर्व में विश्व टूर फाइनल का खिताब जीत चुकी है, इसलिए हमारा मुख्य लक्ष्य ऑल इंग्लैंड और ओलंपिक है। ’’

कोविड-19 महामारी के कारण विश्व बैडमिंटन महासंघ ने विश्व टूर फाइनल्स का आयोजन अगले साल बैकाक में 27 से 31 जनवरी के बीच करने का फैसला किया था। इससे पहले 12 से 17 और 19 से 24 जनवरी के बीच बैकाक में ही दो एशिया ओपन आयोजित किये जाएंगे।

बीडब्ल्यूएफ ने इसके साथ ही कहा, ‘‘खिलाड़ियों को विश्व टूर फाइनल्स 2020 में जगह बनाने के लिये यूरोपीय और एशियाई चरण दोनों में भाग नहीं लेना होगा लेकिन उन्हें सत्र के आखिरी टूर्नामेंट में स्थान सुनिश्चित करने के लिये दोनों एशिया ओपन में हिस्सा लेना पड़ेगा। ’’

भाषा

पंत

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