खिलाड़ियों को युवाओं को नशे से दूर रहने और खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए: मनोज सिन्हा

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खिलाड़ियों को युवाओं को नशे से दूर रहने और खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए: मनोज सिन्हा

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  • Publish Date - May 4, 2026 / 05:10 PM IST,
    Updated On - May 4, 2026 / 05:10 PM IST

श्रीनगर, चार मई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को खिलाड़ियों से ‘नशा मुक्त अभियान’ के ब्रांड दूत के तौर पर काम करने और युवाओं को नशे से दूर रहने तथा खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

यहां कश्मीर विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय वुशु चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सिन्हा ने खिलाड़ियों से एक छोटा वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर साझा करने को कहा जिससे कि नशे के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता फैलाई जा सके और अन्य लोगों को सकारात्मक जीवनशैली के लिए खेल और रचनात्मक गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके।

सिन्हा ने कहा, ‘‘आप भारत की नई पीढ़ी के आदर्श हैं। आपकी अपील युवाओं को सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करेगी।’’

उपराज्यपाल ने दोहराया कि प्रशासन उच्च शिक्षण संस्थानों में एक मजबूत खेल संस्कृति बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जिससे कि हर छात्र को एक सक्रिय और स्वस्थ जीवनशैली जीने के समान अवसर मिल सकें।

सिन्हा ने कहा कि अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय वुशु चैंपियनशिप सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता से कहीं बढ़कर है। यह ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का एक जीवंत उत्सव है और विविधता में एकता, अनुशासन, उत्कृष्टता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए एक शक्तिशाली मंच के रूप में कार्य करता है।

सिन्हा ने कहा, ‘‘यह चैंपियनशिप अपने साथ खेल की उस मूल भावना को बनाए रखने और उसे नया जीवन देने की जिम्मेदारी भी लेकर चलती है जो सिर्फ प्रतिस्पर्धा से कहीं ऊपर है और हमें एक इंसान के तौर पर हमारी सर्वोच्च आकांक्षाओं से जोड़ती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीर विश्वविद्यालय में होने वाली यह अंतर विश्वविद्यालय वुशु चैंपियनशिप ना केवल अपनी शानदार प्रतियोगिताओं के लिए याद रखी जाए बल्कि उन दोस्ती के बंधनों के लिए भी याद रखी जाए जो इसने बनाए, उन बाधाओं के लिए जो इसने तोड़ीं, और एक एकजुट, दृढ़ और दयालु भारतीय परिवार की उस भावना के लिए भी याद रखी जाए जिसे इसने फिर से जगाया। ईश्वर करे कि हर खिलाड़ी आने वाली पीढ़ियों के लिए आगे का रास्ता रोशन करता रहे।’’

इस चैंपियनशिप में 150 से अधिक विश्वविद्यालय और एक हजार से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं जिससे पूरे देश से वुशु की शीर्ष प्रतिभाएं एक साथ आई हैं।

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द