जल्दी ही भारत के लिये खेलेंगे सूर्यवंशी लेकिन क्या अपने आईपीएल फॉर्म को बरकरार रख पायेंगे ?

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जल्दी ही भारत के लिये खेलेंगे सूर्यवंशी लेकिन क्या अपने आईपीएल फॉर्म को बरकरार रख पायेंगे ?

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  • Publish Date - May 29, 2026 / 07:33 PM IST,
    Updated On - May 29, 2026 / 07:33 PM IST

(भरत शर्मा)

मुल्लांपुर, 29 मई (भाषा) क्रिकेट जगत को पूरा यकीन है कि एलिमिनेटर में अपनी तूफानी पारी के बाद वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए सबसे छोटे प्रारूप में खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन क्या 15 साल का यह युवा खिलाड़ी अपनी शानदार आईपीएल लय को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी दोहरा पाएगा?

आयरलैंड और इंग्लैंड टी20 श्रृंखला के लिए टीम की घोषणा जून के पहले हफ्ते में की जाएगी और सूर्यवंशी का नाम इसमें शामिल होने की पूरी संभावना है, भले ही विश्व कप जीतने वाली इकाई में उनके लिए कोई पक्की जगह उपलब्ध नहीं हो।

पिछले साल अपने पदार्पण सत्र में सूर्यवंशी आईपीएल इतिहास में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे और अपने पहले पूरे सत्र में उन्होंने जसप्रीत बुमराह, कागिसो रबाडा और हाल में पैट कमिंस जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाजों की धुनाई करके अपनी साख को कई गुना बढ़ा लिया है।

सूर्यवंशी की 29 गेंद में 97 रन की पारी के दौरान हर गेंद पर छक्का लगाने की कोशिश करने के बावजूद ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वह कोई बहुत ज्यादा जोखिम भरा खेल खेल रहे थे। उनके लगाए सभी 12 छक्के क्रिकेट के सही शॉट थे, इसमें कोई बेतुका शॉट नहीं था।

कमिंस और उनकी गेंदबाजी इकाई ने उन्हें पैड्स पर गेंदें डालकर निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन सूर्यवंशी इतने फुर्तीले थे कि उन्होंने पलक झपकते ही सामंजस्य बिठाकर उन गेंदों को सीधे मैदान के बाहर भेज दिया।

अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड जैसे खिलाड़ियों के उलट, वह जगह बनाने के लिए स्टंप्स से ज्यादा पीछे नहीं हटते। वह क्रीज में पीछे रहकर बिल्कुल स्थिर खड़े होकर गुड लेंथ गेंदों को भी मैदान के बाहर भेजना पसंद करते हैं। एलिमिनेटर चरण तक उनके रिकॉर्ड 65 छक्कों में से ज्यादातर छक्के गुड लेंथ गेंदों पर ही आए हैं।

सूर्यवंशी को महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों का आशीर्वाद मिला है कि वह उच्चतम स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करें, और शायद वह ऐसा करेंगे भी। लेकिन जब तक यह युवा खिलाड़ी खुद इन सवालों का जवाब नहीं दे देता, तब तक इस बात पर सवाल बने रहेंगे कि क्या वह अपनी जबरदस्त फॉर्म को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी बरकरार रख पाएगा।

भारत के पूर्व विकेटकीपर दीप दासगुप्ता का मानना ​​है कि सूर्यवंशी भारत के लिए खेलने के लिए जितना तैयार हो सकता है, उतना वह पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘वह सच में कमाल का खिलाड़ी है। उसने रबाडा, बुमराह, स्टार्क जैसे शीर्ष गेंदबाजों के खिलाफ कैसी बल्लेबाजी की है। मेरी उससे कुछ बार बातचीत हुई है। उसे बल्लेबाजी करना बहुत पसंद है। आज नहीं तो कल, वह भारत के लिए जरूर खेलेगा। तुम्हें उसके लिए जगह बनानी ही पड़ेगी, भले ही टीम में कोई स्थान उपलब्ध नहीं हो। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘तकनीक के मामले में मुझे कोई दिक्कत नजर नहीं आती। मुझे पता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आईपीएल से एक स्तर ऊपर होता है, लेकिन इस लीग में भी दुनिया के बेहतरीन गेंदबाज खेलते हैं। ’’

दासगुप्ता ने कहा, ‘‘लाल गेंद के क्रिकेट में अभी उसे काफी लंबा सफर तय करना है, क्योंकि वहां उसे अभी खुद को साबित करना बाकी है, लेकिन टी20 के लिए वह पूरी तरह तैयार है। साथ ही, हमें उसके क्षेत्ररक्षण के बारे में भी ज्यादा कुछ नहीं पता। मानसिक तौर पर, उसने अभी तक असफलता का सामना नहीं किया है। हम अब भी इस बात से हैरान हैं कि वह सिर्फ 15 साल का है और वह हमेशा तो किशोर नहीं रहेगा। ’’

दासगुप्ता का मानना ​​है कि सूर्यवंशी को सीधे टीम में शामिल करके भारत के लिए पदार्पण करवाना चाहिए और फिर सही समय आने पर उसे मैदान में उतारना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘वह एक समझदार क्रिकेटर भी है। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा, दोनों ने ही कुछ भी गलत नहीं किया है। अगर आप देखें तो टीम में उसके लिए कोई जगह खाली नहीं है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं उसे टीम में शामिल करूंगा और धीरे-धीरे उसे टीम के माहौल में ढालूंगा। जहां तक उसकी बात है, तो उसका ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। ’’

बीसीसीआई का एक सूत्र भी दासगुप्ता की बात से सहमत है और उन्होंने कहा कि तकनीक के मामले में भी वह अगले स्तर के लिए पूरी तरह तैयार है।

सूत्र ने कहा, ‘‘आईपीएल ऊंचे स्तर का क्रिकेट है और टी20 में बल्लेबाजी की तकनीक लाल गेंद के क्रिकेट से काफी अलग होती है। इस सबसे छोटे प्रारूप में, आप अपने शरीर से थोड़ा दूर हटकर खेलते हैं और हर गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाने की कोशिश करते हैं। उम्मीद है कि टी20 में उसे सीधे राष्ट्रीय टीम में शामिल कर लिया जाएगा। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन लाल गेंद के क्रिकेट में वह कैसा प्रदर्शन करता है, यह हमें प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ही पता चलेगा। मुझे लगता है कि वह एक टेस्ट क्रिकेटर के तौर पर भी जरूर कामयाब होगा। ’’

इंग्लैंड श्रृंखला से पहले आयरलैंड के साथ सीरीज खेली जाएगी। अगर 26 जून को आयरलैंड के खिलाफ होने वाले सीरीज के पहले मैच में सूर्यवंशी मैदान में नहीं उतरता है तो यह कई लोगों के लिए एक बड़ी हैरानी की बात होगी।

भाषा नमिता मोना

मोना