रूसी ध्वज की वापसी, ईरान युद्ध और बहिष्कार के बीच शीतकालीन पैरालंपिक खेल शुरू

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रूसी ध्वज की वापसी, ईरान युद्ध और बहिष्कार के बीच शीतकालीन पैरालंपिक खेल शुरू

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  • Publish Date - March 7, 2026 / 10:45 AM IST,
    Updated On - March 7, 2026 / 10:45 AM IST

वेरोना (इटली), सात मार्च (एपी) मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के तनाव के बीच मिलान कोर्टिना शीतकालीन पैरालिंपिक खेल शुक्रवार को शुरू हो गए गया जिसमें कुछ देशों ने वैश्विक खेल मंच पर रूसी ध्वज की वापसी के कारण उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया।

उद्घाटन समारोह में इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले राष्ट्रों की परेड में रूस के ध्वज की वापसी हुई। यह सोची में 2014 के शीतकालीन खेलों के बाद पहला अवसर है जबकि पैरालंपिक खेलों में रूस का ध्वज फहराया गया। इससे लॉस एंजिलिस में 2028 में होने वाले ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों से पहले रूस की ओलंपिक जगत में पूर्ण वापसी की संभावना बढ़ गई है।

परेड के दौरान रूस के खिलाड़ी मंच पर आए तो कुछ दर्शकों ने उनकी हूटिंग की। चमकीले लाल रंग की पोशाक पहने चार खिलाड़ियों ने रूस का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने एरिना डि वेरोना में परेड करते हुए दर्शकों का अभिवादन किया।

रूस के 2022 में यूक्रेन पर हुए आक्रमण के बाद पहली बार किसी बड़ी वैश्विक खेल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने पर उसका राष्ट्रगान बजाया जा सकता है। रूस के खिलाड़ियों पर शुरू में सरकार प्रायोजित डोपिंग कार्यक्रम के कारण प्रतिबंध लगाया गया था जो आक्रमण के बाद भी जारी रहे।

यूक्रेन के नाम की घोषणा होने पर तालियां बजीं, लेकिन समारोह का बहिष्कार करने के कारण उसके किसी भी खिलाड़ी ने परेड में हिस्सा नहीं लिया। अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति के अनुसार छह अन्य देशों ने राजनीतिक कारणों से समारोह में भाग न लेने की योजना बनाई थी। इनमें चेक गणराज्य, एस्टोनिया, फिनलैंड, लातविया, पोलैंड और लिथुआनिया शामिल हैं।

रूस के करीबी सहयोगी बेलारूस के ध्वज की भी वापसी हुई है जिसके दो खिलाड़ियों ने खचाखच भरे एरेना डि वेरोना में परेड में भाग लिया।

ईरान का ध्वज परेड में नहीं था क्योंकि उसकी तरफ से भाग लेने वाले एकमात्र खिलाड़ी पैरा क्रॉस-कंट्री स्कीयर अबुलफजल खातिबी ने उद्घाटन समारोह से कुछ घंटे पहले ही अपना नाम वापस ले लिया था। वह अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण इटली नहीं पहुंच पाए।

एपी

पंत

पंत