भानुप्रतापपुर। एंबुलेंस चालक की एक और लापरवाही से प्रसूता और नवजात की जान पर बन आई। भानुप्रतापपुर में महतारी 102 एंबुलेंस चालक ने प्रसव के बाद महिला और उसके नवजात को तेज बारिश के बीच जंगल के बीचो-बीच छोड़कर चला गया। चालक की इस लापरवाही से नवजात की जान पर बन आती। हालांकि प्रसूता के साथ एक और महिला मौजूद थी।
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गौरतलब है मंगलवार को इसी तरह एंबुलेंस 108 के चालक की लापरवाही के चलते राजधानी रायपुर में दो महीने की मासूम बच्ची की मौत हो गई थी। एंबुलेंस का दरवाजा नहीं खुलने के कारण दम घुटने से मासूम ने दम तोड़ दिया। बच्ची को दिल्ली से रायपुर के सत्य साई अस्पताल लाया जा रहा था। बच्ची के दिल में छेद होने से उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।
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एंबुलेंस से अस्पताल ले जाते वक्त बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी तो उसे नजदीक के अस्पताल में ले जाया गया लेकिन एंबुलेंस का दरवाजा नहीं खुला। दो घंटे बीत जाने के बाद परिजनों ने एंबुलेंस का शीशा तोड़ना चाहा लेकिन चालक सरकारी संपत्ति होने का हवाला देकर मासूम को एंबुलेंस के भीतर तड़पने छोड़ दिया। जैसे-तैसे मासूम को निकाला गया तब तक देर हो चुकी थी। परिजनों के शिकायत के बाद संजीवनी 108 के सीईओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है।
वेब डेस्क, IBC24