रायपुर। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने अपने एक बयान पर सफाई दी है। भगत ने गुरुवार शाम बयान दिया था कि जो किसान धान नहीं बेच पाए हैं उन्हें राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रति एकड़ 10 हजार रुपए का भुगतान किया जाएगा।
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वन मंत्री अकबर ने गुरुवार देर शाम भगत से बात कर उन्हें अपने आवास पर बुलाया। वहां संवाददाताओं को बुलाकर भगत से सफाई दिलाई गई। एक लिखित बयान पढ़ते हए खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने स्पष्ट किया, आगामी खरीफ फसलों के अंतर की राशि भुगतान के संबंध में फैसला मंत्रिमंडल लेगी। धान खरीदी और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की अलग-अलग उपसमिति है। आगामी वर्ष की धान खरीदी के लिए कृषि मंत्री रविंद्र चौबे की अध्यक्षता में बनी उपसमिति की अनुशंसा पर मंत्रिमंडल अंतिम निर्णय लेगी।
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दरअसल सुबह संवाददाताओं से चर्चा के दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत ने कह दिया, किसी किसान ने इस बार धान नहीं भी बेचा तो राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत उसे 10 हजार प्रति एकड़ की राशि मिल जाएगी। उन्होंने कहा पूरे देश में यह पहली ऐसी योजना है, जिसमें किसानों को बिना फसल बेचे यह राशि मिलेगी। इससे बढ़िया क्या चाहिए।
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मीडिया में भगत का बयान वायरल होने के बाद कृषि मंत्री रविंद्र चौबे भी इस बयान को लेकर नाराज हैं। धान उत्पादक किसानों को केंद्र सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य और राज्य सरकार के वादे के मूल्य 2500 रुपए प्रति क्विंटल के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू हुई है। यह कृषि विभाग की योजना है। इसके लिए बनी मंत्रिमंडलीय उसमिति के अध्यक्ष भी चौबे हैं।