अजीत जोगी को एक और जोर का झटका, समीरा पैकरा ने गौरेला थाना में दर्ज करवाया मामला

अजीत जोगी को एक और जोर का झटका, समीरा पैकरा ने गौरेला थाना में दर्ज करवाया मामला

अजीत जोगी को एक और जोर का झटका, समीरा पैकरा ने गौरेला थाना में दर्ज करवाया मामला
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: September 5, 2019 4:49 pm IST

पेंड्रा: जाति और नागरिकता के मामले को लेकर एक बार फिर जोगी पिता-पुत्र कानून के दरवाजे पर माथा टेंक रहे हैं। लगातार उनकी मुसीबतें बढ़ती ही जा रही है। जहां एक ओर अमित जोगी सलाखों के पीछे अपनी रातें काट रहे हैं वहीं, दूसरी ओर जाति मामले को लेकर अजीत जोगी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है।

Read More: सांसद संतोष पांडेय को नक्सलियों ने दी जान से मारने की धमकी, ​पढ़िए पत्र में क्या लिखा है ​नक्सलियों ने

शिकायतकर्ता समीरा पैकरा ने अजीत जोगी के खिलाफ गौरेला थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। बताया जा रहा है कि पूर्व नायब तहसीलदार पतरस तिर्की के शपथ पत्र के आधार पर अजीत जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

Read More: स्पेशल DG आरके विज ने अधीक्षकों को लिखा पत्र, कहा-वाहन चैकिंग के दौरान बरतें सहानुभूति

ज्ञात हो कि समीरा पैकरा ने तत्कालिक नायब तहसीलदार का शपथ पत्र पेश करते हुए इस बात का दावा किया है कि जोगी कि जाति फर्जी है। जिस समय का अजीत जोगी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं उस समय पेंड्रा-गौरेला में नायब तहसीलदार का कार्यालय ही नहीं खुला था, फिर जोगी कहां से कंवर जाति का प्रमाण पत्र ले आए।

Read More: मंत्रियों की बयानबाजी को लेकर कमलनाथ कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक, मंत्री बाला बच्चन ने कही ये बात…

हालांकि जोगी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि जीत जोगी ने समीरा पैकरा द्वारा पेश किया गया नायब तहसीलदार पतरस तिर्की के शपथ पत्र को झठा और बेबुनियाद करार दिया है। उन्होंने कहा है कि 6 जून 1967 और 6 मार्च 1986 को मुझे कंवर जाति का जाति प्रमाणपत्र जारी किया गया था। पेंड्रा रोड नायब तहसीलदार कार्यालय से जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है। उस समय प्रचलित नियमों के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है।

Read More: फाइनेंस कंपनी के इन दो एजेंटों ने ही रची थी मनगढ़ंत लूट की कहानी, कंपनी के पैसों को हड़पने की थी नीयत

जोगी का कहना है कि साल 1986 तक मैने आईएएस के तौर पर काम किया है। इस दौरान मेरी जाति को लेकर कोई सवाल खड़ा नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही मैं साल 1987 में राज्यसभा में आया तो मेरी जाति को लेकर सवाल उठने लगे। 1987 में इैदार हाईकोर्ट में मनोहर दलाल ने मेरी जाति को लेकर याचिका लगाई थी, जिसके बाद इंदौर हाईकोर्ट ने मेरे पक्ष में फैसला सुनाया था। डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में दौरान भी जबलपुर हाईकोर्ट ने भी मेरी जाति को लेकर मेरे पक्ष में फैसला सुनाया था।

Read More: नगरीय निकाय चुनाव : वोटर लिस्ट की निगरानी में लगी भाजपा, कांग्रेस पर सत्ता के दुरूपयोग का आरोप


लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"