रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों के संविलियन पर रमन कैबिनेट सोमवार को निर्णय लेने जा रही है। इससे पहले शिक्षाकर्मी वर्ग 3 के शिक्षकों ने रविवार को बैठक कर समानुपातिक वेतन देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि 8 वर्ष बंधनमुक्त और क्रमोन्नत के साथ समानुपातिक वेतन मिले। उनका कहना है कि प्रदेश में शिक्षाकर्मी वर्ग 3 की संख्या 1 लाख 20 हजार से ज्यादा है जबकि संविलयन का पूरा फायदा वर्ग 3 को नही मिल रहा है।
बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह शिक्षाकर्मियों के संविलियन किए जाने कि घोषणा पहले ही कर चुके हैं। सोमवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगेगी। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ शिक्षाकर्मियों के संविलियन के बाद कर्मी शब्द समाप्त हो जाएगा। शिक्षाकर्मी पद को डाइंग कैडर घोषित कर दिया जाएगा। 8 साल की सेवा अवधि पूरा करने वाले प्रदेश के शिक्षाकर्मी एक जुलाई 2018 से शिक्षा विभाग में शामिल हो जाएंगे।
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शिक्षाकर्मियों के संविलियन के मसौदे को 18 जून को होने वाली कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल जाएगी। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है। कैबिनेट की मुहर लगने के बाद एक जुलाई से शिक्षाकर्मियों के शिक्षा विभाग में संविलियन का आदेश राज्य में लागू कर दिया जाएगा।
वेब डेस्क, IBC24