दंतेवाड़ा। दंतेवाडा के स्वास्थ्य विभाग में DMF मद के साढ़े सात करोड़ के फर्जीवाड़े मामले में एक नया खुलासा हुआ है। CMHO डॉ एचएल ठाकुर का कहना है कि कलेक्टर के मौखिक आदेश पर प्रशासकीय स्वीकृति मिलने से पहले ही ये खरीदी की गई थी। जिस वक्त नियम विरूद्ध ये खरीदी की गई, उस समय दंतेवाडा कलेक्टर सौरभ कुमार थे।
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आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव के लिये आचार संहिता लगने से ठीक एक दिन पहले साढ़े सात करोड़ रूपए के चिकित्साकीय उपकरण और फर्नीचर खरीदी के लिये प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी। लेकिन विभाग ने इससे पहले ही खरीदी कर ली और दो करोड़ 98 लाख रूपये का भुगतान भी कर डाला था।
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जो सामान खरीदे गये वो मार्केट रेट से तीन गुना अधिक दाम में खरीदे गए थे। हाल ही में इस मामले में CMHO डॉ एचएल ठाकुर को नोटिस जारी किया गया था। जिसके बाद अपने जवाब में उन्होंने कहा है कि कलेक्टर सौरभ कुमार ने ही रेट नेगोशिएट किया और आर्डर करने के मौखिक आदेश भी प्रशासकीय स्वीकृति से पहले दिया था।