कोविड-19 : जनहित याचिका पर अदालत ने उप्र सरकार से रूख स्पष्ट करने के लिये कहा

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कोविड-19 : जनहित याचिका पर अदालत ने उप्र सरकार से रूख स्पष्ट करने के लिये कहा

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  • Publish Date - May 12, 2021 / 03:42 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:02 PM IST

लखनऊ, 12 मई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से कोविड-19 के कारण गंभीर रूप से बीमार मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिलने, अस्पतालों में बिस्तरों की कमी और जीवन रक्षक दवाओं की अनुपलब्धता और उनकी कालाबाजारी के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने के आदेश दिए।

न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी और न्यायमूर्ति मनीष माथुर की पीठ ने यह आदेश एस पी गुप्ता द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर दिए।

अदालत ने यह आदेश विभिन्न पक्षों के वकीलों द्वारा पेश की गई दलीलों और दस्तावेजों पर सम्यक विचार के बाद जारी किए। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी।

पीठ ने राज्य सरकार के अधिवक्ता एच. पी. श्रीवास्तव की दलील को ठुकराते हुए कहा कि वह इस मामले में सरकार से निर्देश प्राप्त करें।

श्रीवास्तव ने यह कहते हुए इस याचिका को खारिज करने का अनुरोध किया था कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय इन्हीं मुद्दों पर स्वत: संज्ञान लेकर पहले ही कुछ निर्देश दे चुका है।

याची का कहना है कि चूंकि सरकार अपने नागरिकों की जान की हिफाजत करने में नाकाम रही है, लिहाजा अदालत को इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए राज्य सरकार को हालात से निपटने के लिए फौरी और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश देने चाहिए।

भाषा सं सलीम रंजन

रंजन