छत्तीसगढ़ के मोहनपुर पर 47 हाथियों के झुंड ने किया कब्जा, दहशत में ग्रामीण

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छत्तीसगढ़ के मोहनपुर पर 47 हाथियों के झुंड ने किया कब्जा, दहशत में ग्रामीण

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  • Publish Date - February 24, 2018 / 05:43 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:39 PM IST

सरगुजा जिले की सीमा पर स्थित सूरजपुर के मोहनपुर गांव के लोगों की जान आफत में पड़ी हुई है। पिछले एक सप्ताह से ज्यादा समय से यहां 47 हाथियों का दल लगातार नुकसान पहुंचा रहा है और ग्रामीण बस इन हाथियों के यहां से चले जाने का इंतजार कर रहे हैं। हाथियों को भगाने के प्रयास करने के बजाए वन विभाग ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की सलाह दे रहा है। लेकिन ग्रामीण वन विभाग की इस समझाइश से सहमत नहीं है और हाथियों के पास आने पर मशाल लेकर हाथियों को भगाने की कोशिश कर रहे हैं, इस दौरान एक महिला की भी मौत हो चुकी है।

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अंबिकापुर से लगे हुए सूरजपुर जिले के ग्राम मोहनपुर में दो अलग अलग हाथियों का दल इकट्ठा हो गया है और आए दिन ग्रामीणों को नुकसान पहुंचा रहा है। 47 हाथियों की एक साथ एक ही गांव में मौजूदगी वन विभाग के लिए आफत बनी हुयी है, लेकिन वन विभाग के पास इन हाथियों को भगाने के लिए कोई उपाय नहीं है। यही वजह है कि वन विभाग दीवारों पर पेंटिंग्स और रैली के जरिए ग्रामीणों को यह समझाइश दे रहा है कि वो हाथियों से दूर रहें और उन्हें खदेड़ने की कोशिश ना करें। लेकिन पहले ही अपने बीच की एक महिला की जान गंवा चुके ग्रामीण अब किसी और की जान जाते नहीं देखना चाहते हैं जिसकी वजह से वो हाथियों के घरों के पास आने पर मसाल जलाकर और मिर्ची का धुंआ करके हाथियों को खदेड़ने का प्रयास करते हैं।  वन विभाग की तरफ से गांव में निचल स्तर के कर्मचारियों को तैनात किया गया है। ये कर्मचारी लाउडस्पीकर के जरिए हाथियों की लोकेशन ग्रामीणों को बता रहे हैं और जिस तरफ हाथी आगे बढ़ रहे हैं वहां के घरों को खाली करने की सलाह ग्रामीणों को दे रहे हैं।

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मोहनपुर गांव के सरपंच की मानें तो वन विभाग की तरफ से उन्हें मदद के नाम पर सिर्फ समझाइश ही मिलती है और बाकी बचाव उन्हें खुद ही करना पड़ता है। मोहनपुर गांव के अलावा हाथियों का ये दल सारसताल, हरीपुर और चंद्रपुर गांव में अपना आतंक मचा रहे हैं। हाथी अभी तक लगभग 20 एकड़ की फसलों को बर्बाद कर चुके हैं। इससे ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित होने के साथ ही उनकी रातों की नींद भी उड़ी हुई है जिसकी वजह से गांव सूना हो गया है और लोग अपने कामों को छोड़कर अपनी जान बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।

 

 

 

 

वेब डेस्क, IBC24