नक्सल ऑपरेशन में लगे जवानों के लिए ख़तरनाक साबित हो रहे ‘लैंड माइंस’

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नक्सल ऑपरेशन में लगे जवानों के लिए ख़तरनाक साबित हो रहे 'लैंड माइंस'

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  • Publish Date - July 15, 2017 / 12:17 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:02 PM IST

नक्सल ऑपरेशन में लगे जवानों के लिए लैंड माइंस खतरनाक साबित हो रहे हैं. अफसर भी इस बात को भी मानते हैं कि उनके पास मौजूद लैण्ड माइंस डिटेक्टर जमीन में पांच फीट अंदर लगाए विस्फोटक का पता नहीं लगा पा रहे हैं. इसके चलते आपरेशन और सर्चिंग के दौरान पुलिस और फोर्स के जवान लैण्डमाइंस की चपेट में आकर अपनी जान तक गंवा देते हैं. पिछले 6 माह में ही बस्तर के 7 जिलों में नक्सलियों के लैण्डमाइंस से पुलिस और फोर्स के 25 से ज्यादा जवान बुरी तरह घायल हुए हैं. गुरुवार को ही कोंडागांव इलाके में आपरेशन से लौट रहे 3 जवान लैण्ड माइंस की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो गए. वहीं चिंतागुफा थाने के पास शुक्रवार को लैण्डमाइंस फटा. हालांकि गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ है । DG नक्सल डीएम अवस्थी का दावा है कि पुलिस और फोर्स लैंडमाइंस को लेकर सतर्क है और इसी सजगता का नतीजा है कि पिछले एक साल में 100 से अधिक लैण्ड माइंस को खोजकर बेअसर किया गया है.