रोड नहीं तो वोट नहीं के बोर्ड लगाकर ग्रामीणों ने किया अपना विरोध प्रदर्शन

Ads

रोड नहीं तो वोट नहीं के बोर्ड लगाकर ग्रामीणों ने किया अपना विरोध प्रदर्शन

  •  
  • Publish Date - November 12, 2018 / 04:52 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:49 PM IST

नरसिंहपुर। चुनावी सरगर्मियों के बीच गोटेगांव विधानसभा के कई गावो में रोड नहीं तो वोट नहीं के बोर्ड लगाकर ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के गाँवो में प्रवेश पर रोक लगा दी है ग्रामीणों का आरोप है की आजादी के 70 साल बाद भी ग्रामीण एक अदद पक्की सड़क तरस रहे है और शासन प्रशासन से लेकर तमाम जनप्रतिनिधियों तक अपनी पीड़ा व्यक्त कर चुके लेकिन अनदेखी होती रही इसलिए बड़ा कुण्ड़ा , नेगुआ , टपरिया धवई , बेलखेड़ी पोनिया डुंगरिया गांव के लोगो ने सम्पूर्ण वोटबंदी का ऐलान किया है।

ये भी पढ़ें – गांव वालो ने खदेड़ा भाजपा प्रत्याशी को,एससी एसटी एक्ट का किया था समर्थन

ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में आगामी 28 नवम्बर को विधानसभा चुनाव होना है। लेकिन मतदाता अपने जन प्रतिनिधियों से नाराज़ दिखाई दे रहे हैं। एकतरफ जहां
स्वर्णिम मध्यप्रदेश में रोड़ नही तो वोट नही का नारा बुलंद होता जा रहा है जहा देखो वहा रोड़ नही तो वोट नही के नारे लगाये जा रहे है ओर साथ ही गांव के बाहर एक वोर्ड़ भी लगाया जा रहा है । जिसमें भी रोड़ नही तो वोट नही का नारा लिखा जा रहा है । जी हा हम बात कर रहे है नरसिंहपुर जिले की जहा की विधानसभा गोटेगांव में कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिल रहा है यहा के गांव बड़ा कुण्ड़ा , नेगुआ , टपरिया धवई , बेलखेड़ी पोनिया डुंगरिया गांव के लोगो ने अपने गांव के बाहर रोड़ नही तो वोट नही के वोर्ड़ लगा दिये है । जो होने वाले विधानसभा चुनाव का खुलकर विरोध कर रहे है । और वोट ना डालने की बात कह रहे है ।

ये भी पढ़ें – जीत के लिए मां बगुलामुखी मंदिर में विशेष हवन-पूजन कर रहे प्रत्याशी

हाल यह है की किसी गांव में रोड़ की मांग की जा रही है तो कही रोड़ पुलिया पुल की मांग की जा रही है तो वही दूसरी ओर गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक डाक्टर कैलाश जाटव इस मामले से दूर हो रहे है वह कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से कतरा रहे है । ऐसे में गांव के लोग कहते है की हम किसको वोट दे कोई हमारी बात सुनता ही नही । वही बड़ा कुण्ड़ा गांव के लोग प्रधानमंत्री आवास से बनने वाले मकानो की बात भी कर रहे है लोगो का कहना है की उनको मकान का पूरा पैसा नही दिया गया और ना ही गांव में पक्की रोड़ दी गई तो हम वोट किसको दे ।

ये भी पढ़ें – छत्तीसगढ़ चुनाव: 100 वर्षीय बुजुर्ग महिला पहुंची मतदान केंद्र

इस विषय में जब हमारी टीम ने रोड़ नही तो वोट नही के मामले में गोटेगांव जनपद पंचायत के अधिकारी सीईओ के के रैकवार से भी बात की तो वह भी इस जानकारी से अंजान बनते नजर आये और मामले से पल्ला झाड़ने लगे हालांकि लिखित शिकायत मिलने पर कार्यवाही की बात कहते नजर आये ओर कहने लगे हमारे पास अभी इस तरह की कोई सूचना नही आई है ।