नर्मदा बचाओ आंदोलन: डूब प्रभावितों के पुनर्वास के लिए अनिश्चित कालीन हडताल पर मेधा पाटकर

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नर्मदा बचाओ आंदोलन: डूब प्रभावितों के पुनर्वास के लिए अनिश्चित कालीन हडताल पर मेधा पाटकर

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  • Publish Date - July 30, 2017 / 08:47 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:11 PM IST

 

नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर के साथ सरदार सरोवर बांध से डूबप्रभावित गाँवो के 12 अन्य लोग के साथ धार जिले के ग्राम चिखल्दा में अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठी है, भूख हड़ताल पर बैठी नर्मदा बचाव आंदोलन की मेधा पाटकर का कहना है कि जब तक सरदार सरोवर बांध से डूबप्रभावित एक-एक लोगो का सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार आदर्श पुनर्वास सुविधाओं के साथ विस्थापन नही हो जाता तब तक यह भूख हड़ताल जारी रहे गी, अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल के तीसरे दिन ग्राम चिखल्दा में हड़ताल स्थल पर धार कलेक्टर और एसपी बीरेंद्र सिंह ,पुलिस बल के साथ मेधा पाटकर से मुलाकात करने के लिए पंडाल में जाने लगे तो डूब प्रभावित लोगों ने पुलिस बल को सभा स्थल पर जाने से रोका और केवल धार कलेक्टर श्रीमन शुक्ला, धार एसपी बीरेंद्र सिंह, और सहायक कलेक्टर डी. नागेंद्र एवं कुक्षी एस.डी.एम ऋषभ गुप्ता को मेधा पाटकर से संवाद के लिए मंच तक जाने दिया जहां पर धार कलेक्टर ने मेधा पाटकर से हड़ताल समाप्त करने एवं स्वास्थ्य परीक्षण का आग्रह किया परंतु मेधा पाटकर ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं हड़ताल समाप्त करने की बात को सिरे से नकारते हुए सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावित लोगों के विस्थापन में होने वाली विसंगतियों को लेकर कई बातें धार कलेक्टर श्रीमन शुक्ला के सामने रखी। वहीं इसी दौरान सरदार सरोवर बंधा के बेक वाटर से डूबप्रभावितों गाँवो के लोगों ने भी धार कलेक्टर श्रीमन शुक्ला,सहायक कलेक्टर ड़ी-नागेंद्र ओर धार एसपी बिरेन्द्र सिह को विस्थापन की समस्याओं को लेकर कई खरी खोटी बातंे सुनाई जिनको धार कलेक्टर ने बड़ी संयमता से सुना और संपूर्ण डूब प्रभावित लोगों को पुनर्वास स्थल पर विस्थापित होने का कहा वही अंत में धार कलेक्टर और धार एस.पी ने डूबप्रभावित लोगों को पुनर्वास स्थल पर मिलने वाली सुविधाएं एवं डूबप्रभावित लोगो से संबंधित पैकेजों की जानकारी देने के बाद हड़ताल स्थल से कुक्षी की ओर रवाना हुये, इस प्रकार मेधा पाटकर की अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही।