रायपुर। शिक्षाकर्मियों की हड़ताल का शासन पर इतना गहरा असर हुआ है कि अब वो नई नियक्ति के लिये और अधिक नियमो को धयान रख रही है इसके तहत अब नियुक्ति पत्र में ही इस बात को शामिल कर लिया गया है कि शिक्षाकर्मी ना तो किसी प्रकार के हड़ताल में शामिल होंगे और ना ही किसी दूसरे को इसके लिए प्रेरित कर सकेंगे और अगर उनके द्वारा ऐसा किया जाता है तो इसे नियुक्ति शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा ।
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पंचायत विभाग के आदेश के परिपालन में अब सभी जिला पंचायतों ने अपने नियुक्ति आदेश पत्र में ही इस शर्त को शामिल कर लिया है जिसके तहत जिला पंचायत जशपुर ने भी 298 शिक्षाकर्मियों को नियुक्ति आदेश जारी करते समय इस शर्त को शामिल किया है । इधर मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षाकर्मी संगठन भी इसके विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं ।उनका कहना है किकोई भी कर्मचारी आंदोलन या हड़ताल का सहारा तभी लेता है जब उसके अधिकारों का हनन होता है और उसके जायज मांगों की पूर्ति नही होती है। इस विषय में माननीय उच्चतम न्यायालय का भी स्पष्ट मानना है कि किसी कर्मचारी को उसके वाजिब मांगों के संबंध में आंदोलन से नहीं रोका जा सकता और अब जब जिला पंचायत द्वारा ऐसा आदेश निकाला जा रहा है तो यह पूर्णत: गलत है