गरियाबंद के सुपेबेड़ा में प्रदूषित पेयजल की वजह से किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चिट्ठी लिखकर मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने पीड़ितों के उचित इलाज और आर्थिक मदद की मांग करते हुए अब तक इस मामले में राज्य सरकार की पहल पर अंसतोष जताया है। गांववालों का कहना है कि दो महीने बाद भी डॉक्टरों की टीम बीमारी के कारणों का पता लगाने में कामयाब नहीं हुई है और न ही इलाज के समुचित इंतजाम किए गए हैं। आपको बता दें कि सुपेबेड़ा में पिछले पांच सालों में प्रदूषित पानी पीने की वजह से लोग किडनी रोग के शिकार हो रहे हैं और अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी गांव के 116 परिवार इस समस्या से जूझ रहे हैं