कैदीयों द्वारा उप जेल तोड़कर भागने की घटना से अब तक सबक नहीं लिया गया है। छः साल से बने वाॅच टावर का अब तक उपयोग शुरू नही किया गया है। दरअसल उप जेल को तोड़ कर सात साल पहले कुछ कैदी भाग गए थे……जिसके बाद सुरक्षा के लिए वाॅच टाबर का निर्माण किया गया था…लेकिन छ साल पहले तीन लाख की लागत से बनाए गए वाॅच टावर का अब तक उपयोग नही किया गया है…..जिसके चलते रख-रखाव के आभाव में टावर जर्जर होने लगया है…..वह जेल अधिक्षक का कहना है की टावर में बिजली व सर्च लाईट तथा बल की कमी के चले वाॅच टावर में सुरक्षा गार्ड नही लगया जा रहा है…..नई भर्ती के बाद जेल सैनिक मिलने के बाद उसका उपयोग शुरू कर दिया जाएगा।