कोरबा जिले के एक सरकारी स्कूल में अव्यवस्था इस कदर फैली है। पोंड़ी इलाके के आमाखोखरा के मिडिल स्कूल में चपरासी पदस्थ होने के बावजूद स्कूल की छात्राओं से उसका काम लिया जाता है। स्कूल की मासूम बच्चियों को बरसते पानी में छाता लेकर कुएं तक पानी लाने के लिए भेजा जाता है। छठवीं से आठवीं क्लास तक की छात्राएं पैदल ही प्लास्टिक का डिब्बा लेकर स्कूल के लिए पीने का पानी कुएं से लाती हैं।
छोटी बच्चियां स्कूल से थोड़ी दूर स्थित कुएं से रस्सी-बाल्टी के सहारे जान जोखिम में डालकर पानी निकालती हैं। गांववाले भी कहते हैं कि स्कूल के चपरासी से काम नहीं कराया जाता और उसकी जगह स्कूली छात्राएं काम करती हैं। आखिर चपरासी होने के बावजूद ऐसी स्थिति क्यों बनती है, इस पर जवाब देने के लिए स्कूल की टीचर भी तैयार नहीं है।