कोंडागांव। बस्तर में आदिवासी बच्चों की शिक्षा और उनके सुनहरे भविष्य का बीड़ा गोलावंड पुलिस ने उठाया है। वर्दीवालों को आपने अभी तक गोलियां बरसाते देखा और सुना होगा। लेकिन बस्तर में फोर्स का ये नया चेहरा आपने पहली कभी नहीं देखा होगा।
#WATCH Children along with police personnel in Kondagaon’s Golawand, perform dance on one of the five songs of Bastar Police, launched to motivate tribal in Naxal-prone villages to choose the right path which will lead to development #Chhattisgarh pic.twitter.com/6QTvgZur62
— ANI (@ANI) May 2, 2018
छत्तीसगढ़ी गानों में छात्रों से कंधे से कंधा मिलाकर थिरक रहे ये वर्दीवाले आदिवासियों बच्चों का हौसलाआफजाई करने में जुटे हैं। इन्हें उनकी शिक्षा, और सुनहरे भविष्य की चिंता है। सुरक्षाबल, स्कूली बच्चों में फोर्स का खौफ कम करना चाहते है। उन्हें अहसास दिलाना चाहते हैं, कि हम आपको महफूज करने के लिए ही यहां तैनात है।
गोलावंड पुलिस ने छत्तीसगढ़ भाषा में पांच गाने तैयार किए है। इन्हीं में से एक गाने पर जवानों ने छात्रों के साथ खूब डांस किया। गाने खासकर नक्सल प्रभावित आदिवासी छात्रों के लिए बनाया गया है। जो उन्हें सही राह चुनकर अपना भविष्य गढ़ने के लिए प्रेरित करता है। गानों के माध्यम से पुलिस आदिवासी छात्रों को शिक्षा पर जोर देने की अपील कर रहा है।
Bastar Police launched 5 songs in regional languages for tribal in Naxal-prone villages, to motivate them to choose the right path which will lead to development and a bright future.’ #Visuals from Kondagaon’s Golawand #Chhattisgarh pic.twitter.com/j4XF4Q2OGB
— ANI (@ANI) May 2, 2018
बस्तर अंचल में पुलिस-नक्सलियों के बीच जारी जंग से गांव वाले अक्सर खौफजदा रहते हैं। अक्सर ग्रामीण फोर्स को ही अपना दुश्मन मान लेती है। बच्चों से मिलकर इस डर को मिटाना भी पुलिस का अहम उद्देश्य है। पुलिस के इस पहल से फोर्स और स्थानीय लोगों के बीच अच्छी तालमेल बैठ सकता है।
वेब डेस्क, IBC24