विश्व हिंदू परिषद आज पुरे भारत वर्ष में अपने अनुयायी खड़े कर चूका है। यह एक हिंदूवादी संगठन है, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस की एक अनुषांगिक शाखा है. जिसका नारा है “धर्मो रक्षति रक्षित:” यानी जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है. विश्व हिंदू परिषद की स्थापना 1964 मे हुई. इसके संस्थापकों में स्वामी चिन्मयानंद, एसएस आप्टे, मास्टर तारा हिंद थे. पहली बार 21 मई 1964 में मुंबई के संदीपनी साधनाशाला में एक सम्मेलन हुआ. सम्मेलन आरएसएस सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर ने बुलाई थी. इस सम्मेलन में हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध के कई प्रतिनिधि मौजूद थे सम्मेलन में गोलवलकर ने कहा कि भारत के सभी मताबलंवियों को एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हिंदू हिंदूस्तानियों के लिए प्रयुक्त होने वाला शब्द है और यह धर्मों से ऊपर है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विश्व हिन्दू परिषद् के समर्थक है साथ ही उन्हें गोरक्षपीठाधीश भी कहा जाता है छत्तीसगढ़ में पहली बार योगी आदित्यनाथ 13 नवंबर को पहुंच रहे है उनकी ये यात्रा किसी समूह विशेष के लिए मानी जा रही है लेकिन उक्त कार्यक्रम में शरीक होने के बाद माननीय योगी मुख्यमंत्री निवास जायेगे। वहाँ से इंडोर स्टेडियम में उनका दोपहर 2 बजे अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिसमे सभी समाज प्रमुख उनका स्वागत करेंगे।ज्ञात हो की योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार की तरह यूपी में भी ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धान्त पर काम कर रही है.उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘संकल्प से सिद्धि’ मंत्र को अपनाते हुए वर्ष 2022 तक एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प लिया है, जो सभी विषमताओं से मुक्त हो. साथ ही उन्होंने कहा कि नया भारत गरीबी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, सम्प्रदायवाद और जातिवाद से मुक्त होगा. योगी ने आज कहा है की ‘संभव है वर्ष 2022 में जब देश स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मना रहा होगा, तब तक सभी परिवारों को सारी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी।