नई दिल्ली: IDBI Bank Share Price: 23 मार्च को IDBI Bank के शेयर में दिन के दौरान 9% तक की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई पर शेयर 66.45 रुपये के निचले स्तर तक पहुंचा, जो बैंक का 52 हफ्ते का नया लो है। यह गिरावट उस समय आई जब खबर आई कि सरकार पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाने के लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए शेयर बेचने पर विचार कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार, IDBI Bank में पब्लिक शेयरहोल्डिंग बहुत कम है, केवल 5.29%, जिससे शेयर का सही मूल्यांकन करना मुश्किल हो रहा है। अगर पब्लिक शेयरहोल्डिंग 10-15% तक बढ़ाई जाए तो शेयर की कीमत ज्यादा भरोसेमंद और पारदर्शी तरीके से तय की जा सकती है। इसके लिए OFS के एक या दो चरणों में शेयर बेचे जा सकते हैं।
मार्च की शुरुआत में सरकार और LIC ने IDBI Bank में अपनी कुल 60.72% हिस्सेदारी बेचने का प्लान बनाया था। लेकिन यह योजना रद्द कर दी गई, क्योंकि संभावित खरीदारों की बोलियां रिजर्व प्राइस से कम थीं। वर्तमान में सरकार की हिस्सेदारी 45.48% और LIC की हिस्सेदारी 49.24% है। इस वजह से बैंक का निजीकरण लंबे समय से अटका हुआ है।
बैंक पर आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 5.50 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई है। यह आयकर कानून, 1961 की धारा 270A के तहत दी गई है। वहीं, अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में बैंक का मुनाफा लगभग स्थिर रहा और 1935 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि एक साल पहले 1908 करोड़ रुपये था। कुल इनकम घटकर 8282 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 8565 करोड़ रुपये थी।
| विवरण | आंकड़े |
| वर्तमान कीमत | ₹67.50 |
| आज का बदलाव | −₹5.57 (−7.62%) |
| समय | 23 मार्च, 3:17 PM IST |
| ओपन | ₹71.30 |
| हाई | ₹71.30 |
| लो | ₹66.45 |
| मार्केट कैप | ₹72.63K करोड़ |
| P/E रेशियो | 7.82 |
| 52 हफ्ते का हाई | ₹118.38 |
| 52 हफ्ते का लो | ₹66.45 |
| डिविडेंड यील्ड | 3.11% |
| तिमाही डिविडेंड | ₹0.52 |
IDBI Bank का मार्केट कैप 73,400 करोड़ रुपये से अधिक है। बैंक का शेयर पिछले दो हफ्तों में 30% गिर चुका है। जनवरी 2019 में LIC ने सरकार से लगभग 21,624 करोड़ रुपये में 51% हिस्सेदारी खरीदी थी। दिसंबर 2020 तक LIC की हिस्सेदारी घटकर 49.24% हो गई। सरकार अब IDBI Bank में अपनी 30.48% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।