(Indian Stock Market News Today/ Image Credit: ANI News)
नई दिल्ली: Stock Market Today OPen: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिली थी। भारी बिकवाली के चलते बाजार कमजोर हो गया। जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। इसी कमजोरी का असर शुक्रवार को भी देखने को मिल सकता है। आज बाजार सतर्कता के साथ खुलने की संभावना है। गिफ्ट निफ्टी और एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं, जिससे तेज रिकवरी की उम्मीद फिलहाल बहुत कम नजर आ रही है।
शुक्रवार की सुबह गिफ्ट निफ्टी हल्की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। शुरुआती सत्र में यह करीब 35 अंकों यानी 0.13 प्रतिशत की तेजी के साथ 26,002.50 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि यह बढ़त बहुत मजबूत नहीं मानी जा रही है। गिफ्ट निफ्टी का रुख बताता है कि बाजार फ्लैट या सीमित दायरे में रह सकता है।
बैंक निफ्टी में अब भी थोड़ी मजबूती बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक जब तक बैंक निफ्टी 59,500 के स्तर यानी 20 DEMA के ऊपर बना रहता है, तब तक ट्रेंड पूरी तरह नकारात्मक नहीं माना जाएगा। लेकिन अगर यह स्तर टूटता है तो बैंक निफ्टी में कमजोरी बढ़ सकती है। वहीं, ऊपर की ओर 59,800 और 60,000 अहम रेजिस्टेंस लेवल हैं।
फिलहाल निफ्टी में किसी बड़े ट्रेंड की उम्मीद नहीं की जा रही है। बाजार में पैसा फंस रहा है, इसलिए अनुमान लगाकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। 25,700 से 25,750 का जोन निफ्टी के लिए बेहद अहम है। जब तक निफ्टी 26,100 के ऊपर नहीं निकलता, किसी भी तेजी पर संदेह बना रहेगा। निवेशकों को दोनों तरफ के ट्रेड स्टॉपलॉस और छोटे टारगेट के साथ लेने चाहिए।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन बढ़त देखी गई। वेनेजुएला और ईरान में सप्लाई को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण तेल महंगा हो गया। ब्रेंट क्रूड 62.43 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 58.15 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इस हफ्ते तेल की कीमतों में अच्छी बढ़त देखने को मिली है।
गुरुवार को इस साल की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 780 अंक टूट गया और निफ्टी 25,900 के नीचे आ गया। FIIs ने एक ही दिन में करीब 12,000 करोड़ रुपये की बिकवाली की और बड़ी संख्या में शॉर्ट पोजिशन जोड़ी। एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। आज पूरी दुनिया की नजर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ से जुड़े फैसले पर टिकी है, जिसका प्रभाव बाजारों पर देखने को मिल सकता है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।