Twisha Sharma Death Case Update : त्विषा डैथ केस में हाईकोर्ट से देर रात लगा सास गिरिबाला सिंह को तगड़ा झटका! रद्द हुई बेल, अब सीधे जाना होगा जेल

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त्विषा शर्मा डेथ केस में जबलपुर हाई कोर्ट ने आरोपी सास गिरिबाला सिंह को बड़ा झटका देते हुए उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने माना कि आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की। फैसले के बाद अब गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है।

  • Reported By: Vijendra Pandey

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  • Publish Date - May 28, 2026 / 06:31 AM IST,
    Updated On - May 28, 2026 / 06:36 AM IST

Twisha Sharma Death Case Update / Image Credit : AI GENERATED

HIGHLIGHTS
  • जबलपुर हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द की।
  • कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का पहले दिया गया आदेश पलट दिया।
  • राज्य सरकार ने जांच प्रभावित करने और सहयोग न करने के आरोप लगाए।

जबलपुर: Twisha Sharma Death Case Update बहुचर्चित त्विषा डैथ केस में जबलपुर हाई कोर्ट (HC) से गिरिबाला सिंह को बहुत बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को ट्रायल अदालत से मिली अग्रिम जमानत को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। कोर्ट के इस कड़े फैसले के बाद अब गिरिबाला सिंह को जेल जाना होगा।

हाई कोर्ट ने पलटा ट्रायल कोर्ट का आदेश

इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने आरोपी सास गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत की राहत दी थी, जिसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं। Giribala Singh Anticipatory Bail Cancelled इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जबलपुर हाई कोर्ट ने देर रात अपना आदेश जारी करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया।

कल हुई सुनवाई

आपको बता दें की जबलपुर हाई कोर्ट में कल त्विषा शर्मा डेथ केस को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। हाई कोर्ट कल दोपहर 2:30 बजे आरोपी सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई । मामले में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि गिरिबाला सिंह ने जमानत की शर्तों का लगातार उल्लंघन किया है और जांच एजेंसी के साथ सहयोग नहीं किया।

जाँच से बचाने की कर रही थी कोशिश

Twisha Sharma Death Case: सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने दलील दी कि जिला अदालत ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए जल्दबाजी में गिरिबाला सिंह को जमानत दे दी। उन्होंने अदालत को बताया कि अग्रिम जमानत मिलने से पहले और बाद में भी गिरिबाला सिंह ने जांच एजेंसी के नोटिसों का जवाब नहीं दिया और लगातार जांच से बचने की कोशिश करती रहीं।

मृतिका की छवि ख़राब करने की कोशिश

महाधिवक्ता ने यह भी कहा कि गिरिबाला सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मृतिका त्विषा शर्मा की छवि खराब करने और उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया। यह जमानत की शर्तों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह प्रॉसिक्यूशन के साथ “लुका-छिपी का खेल” खेल रही हैं और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही हैं। अदालत में यह भी बताया गया कि जांच एजेंसी द्वारा गिरिबाला सिंह को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्होंने नोटिस तक तामील नहीं होने दिए। महाधिवक्ता ने कहा कि आरोपी का रवैया जांच में सहयोग करने वाला नहीं रहा और लगातार जांच प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न की गई।

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