(Share Market Today/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Share Market Today News भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का असर अब सीधे बाजार पर दिखने लगा है। 28 अक्टूबर के बाद पहली बार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने इतनी बड़ी खरीदारी की है। कैश और वायदा बाजार को मिलाकर करीब 17,000 करोड़ रुपये की खरीदारी दर्ज की गई। इस मजबूत निवेश से बाजार में भरोसा बढ़ा है और निवेशकों का सेंटिमेंट पॉजिटिव हुआ है। हालांकि इसके बावजूद गिफ्ट निफ्टी फिलहाल बिल्कुल फ्लैट कारोबार करता नजर आ रहा है।
आज के संकेतों की बात करें तो गिफ्ट निफ्टी सपाट है, जिससे भारतीय बाजार की शुरुआत फ्लैट रह सकती है। वहीं एशियाई बाजारों में भी कोई एकतरफा ट्रेंड नहीं दिख रहा है। कुछ बाजारों में हल्की तेजी है तो कुछ दबाव में हैं। ग्लोबल संकेत फिलहाल कन्फ्यूजन भरे बने हुए हैं, जिससे घरेलू बाजार में भी सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है।
कल अमेरिकी बाजारों में IT शेयरों की जोरदार बिकवाली देखने को मिली। इसके चलते नैस्डैक करीब 1.5% टूट गया। इस गिरावट का असर भारतीय IT सेक्टर पर भी पड़ता दिख रहा है। अमेरिका की AI कंपनी Anthropic द्वारा नया AI ऑटोमेशन टूल लॉन्च किए जाने से IT और डेटा सर्विस कंपनियों में घबराहट बढ़ी है। निवेशकों को डर है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक IT सर्विसेज का कारोबार प्रभावित हो सकता है।
AI से जुड़ी आशंकाओं का असर सीधे शेयरों पर दिखा। डेटा और इंफॉर्मेशन सर्विस देने वाली कंपनियों के बिजनेस पर खतरा बढ़ने की आशंका से Gartner का शेयर करीब 25% तक टूट गया। इसका असर भारतीय IT कंपनियों पर भी पड़ा। विप्रो और इंफोसिस के ADRs में 5 से 10% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे आज घरेलू IT शेयरों में भी दबाव रह सकता है।
ट्रेड डील के बाद भारतीय रुपये में भी जोरदार मजबूती देखने को मिली। रुपया डॉलर के मुकाबले तीन हफ्तों के उच्च स्तर 90.27 पर पहुंच गया। निफ्टी ने भी मई 2025 के बाद की सबसे अच्छी एक-दिन की बढ़त दर्ज की। वहीं जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतें तेज हुई हैं और ब्रेंट 67 डॉलर के पार निकल गया है। सोना-चांदी में भी मजबूती बनी हुई है, जिससे कमोडिटी मार्केट में हलचल तेज है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।